नेपाल-मलेशिया के बीच वैदेशिक रोजगार को लेकर बड़ी बातचीत, सिंडिकेट और बिचौलियों पर कसेगा शिकंजा.

वैदेशिक रोजगार के मोर्चे पर एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ नेपाल और मलेशिया के शीर्ष नेताओं ने विदेश जाने वाले कामगारों की समस्याओं को लेकर गंभीर चर्चा की है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने मंगलवार सुबह मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ टेलीफोन पर अहम बातचीत की। इस दौरान दोनों देशों के बीच मुख्य रूप से यह सहमति बनी कि विदेश जाने वाले कामगारों के लिए रोजगार की प्रक्रिया को पूरी तरह से सम्मानजनक, पारदर्शी और शोषणमुक्त बनाया जाए ताकि किसी भी मजदूर को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
रोजगार क्षेत्र में सिंडिकेट और बिचौलियों पर रोक
बातचीत के दौरान नेपाली प्रधानमंत्री ने मलेशिया के रोजगार बाजार में सक्रिय सिंडिकेट और बिचौलिया व्यवस्था को लेकर अपनी कड़ी नाराजगी खुलकर व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की अव्यावहारिक और अन्यायपूर्ण प्रवृत्तियां किसी भी हाल में स्वीकार करने योग्य नहीं हैं। इन समस्याओं की वजह से विदेशों में रोजी-रोटी कमाने जाने वाले साधारण मजदूरों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस शोषणकारी तंत्र को जड़ से खत्म करने के लिए दोनों देशों की सरकारों को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे ताकि कामगारों का हित सुरक्षित रह सके।
दोनों देशों के श्रम मंत्रियों को दिए गए निर्देश
नेपाली प्रधानमंत्री ने मलेशियाई समकक्ष से आग्रह किया कि वे अपने देश के श्रम मंत्री को निर्देश दें कि वे नेपाल के श्रम मंत्री के साथ आमने-सामने बैठकर सीधे संवाद करें। इस सीधी बातचीत का उद्देश्य इस पुरानी समस्या का एक स्थाई समाधान निकालना है ताकि भविष्य में कोई बिचौलिया गरीब मजदूरों का हक न मार सके। इस सकारात्मक प्रस्ताव का स्वागत करते हुए मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी इस बात पर पूरी सहमति जताई कि उनकी सरकार भी इस तरह के सिंडिकेट सिस्टम के सख्त खिलाफ है। उन्होंने तुरंत अपने संबंधित मंत्री को नेपाली समकक्ष के साथ मिलकर इस विषय पर काम करने का निर्देश देने की बात कही।
मलेशियाई प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान कहा कि वे खुद इस प्रकार की शोषण करने वाली व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त देखना चाहते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे बिना किसी देरी के अपने देश के श्रम मंत्री को इस मामले में नेपाली अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने और जल्द से जल्द एक ठोस समाधान खोजने के लिए कहेंगे। इस पूरी बातचीत से यह उम्मीद बंध गई है कि आने वाले दिनों में मलेशिया जाने वाले श्रमिकों के लिए वीजा और भर्ती प्रक्रिया काफी हद तक आसान और पारदर्शी हो जाएगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाएगी।