नेपाल में बाढ़ के बाद फैला हैजा का खतरा, 77 हजार लोगों को लगेगी वैक्सीन.

नेपाल के नुवाकोट जिले में हाल ही में आई भीषण बाढ़ के बाद गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने तुरंत बड़ा कदम उठाया है। जनस्वास्थ्य कार्यालय, नुवाकोट ने महामारी एवं रोग नियंत्रण प्रभाग के साथ मिलकर इलाके में आपातकालीन ओरल कॉलरा वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की है। इस खतरनाक बीमारी के फैलने की आशंका को रोकने के लिए प्रशासन ने कुल 77,000 से अधिक लोगों को मुफ्त टीका लगाने का बड़ा लक्ष्य रखा है, जिसमें से अब तक 50,000 से ज्यादा लोगों को यह जीवन रक्षक वैक्सीन दी जा चुकी है।
बाढ़ के बाद बिगड़े हालात और जलजनित बीमारियों का खतरा
यह पूरा मामला 26 अगस्त को आई भोटेकोशी बाढ़ से जुड़ा हुआ है, जिसकी वजह से पूरे इलाके में पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। बाढ़ के पानी के कारण स्थानीय जलस्त्रोत दूषित हो चुके हैं, जिससे पानी से होने वाली गंभीर बीमारियों का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से विदुर नगरपालिका में पानी के कुछ नमूनों की जांच कराई गई थी, जिसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। जांच के दौरान कुल 15 स्थानीय जल नमूनों में से 5 नमूनों में खतरनाक ई. कोलाई बैक्टीरिया का संक्रमण पाया गया, जिसके बाद से स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंताएं और अधिक गहरी हो गई हैं।
होल्डिंग सेंटरों पर रह रहे विस्थापित लोग
आपदा की इस घड़ी में बड़ी संख्या में लोग अपने घरों को छोड़कर बेघर हो चुके हैं और सुरक्षित रहने के लिए बनाए गए होल्डिंग सेंटरों में शरण लेने को मजबूर हैं। इन अस्थायी शिविरों और होल्डिंग सेंटरों में पर्याप्त मात्रा में स्वच्छता और साफ-सफाई की व्यवस्था बनाए रखना स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। ऐसे हालात में संक्रामक बीमारियों के तेजी से फैलने का अंदेशा रहता है, इसीलिए स्वास्थ्य मंत्रालय और संबंधित विभागों ने इस विशेष टीकाकरण अभियान को युद्धस्तर पर चलाने का निर्णय लिया है।
टीकाकरण और स्वास्थ्य विभाग के निर्देश
स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस विशेष आपातकालीन अभियान के तहत एक वर्ष से अधिक उम्र के सभी स्थानीय नागरिकों को शामिल किया गया है। नुवाकोट जिले की विभिन्न नगरपालिकाओं में अब तक कुल 40,291 लोगों का टीकाकरण सफलताપूर्वक पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा, उन दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों तक भी स्वास्थ्य टीमों को भेजने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जहां बाढ़ के बाद संक्रमण फैलने का खतरा सबसे ज्यादा बना हुआ है। यह महत्वपूर्ण टीकाकरण अभियान कुल सात दिनों तक लगातार जारी रहेगा। जनस्वास्थ्य कार्यालय की प्रमुख डॉ. अंजु कार्की ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि केवल टीका लगवाना ही काफी नहीं है, बल्कि इसके साथ ही लोगों को हमेशा सुरक्षित और उबला हुआ पेयजल ही इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने लोगों को व्यक्तिगत साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखने और अपने घर के आसपास का वातावरण बिल्कुल स्वच्छ बनाए रखने की सख्त सलाह दी है ताकि जलजनित बीमारियों के प्रसार को पूरी तरह रोका जा सके। यदि किसी भी व्यक्ति को हैजा या उल्टी-दस्त जैसे कोई भी शुरुआती लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे बिना किसी देरी के तुरंत नजदीकी अस्पताल में जाकर चिकित्सीय सहायता लेनी चाहिए। इस बारे में अधिक जानकारी आप हिन्दुस्थान समाचार की रिपोर्ट में देख सकते हैं।