नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत, दवाएं गंवाने वाले बुजुर्गों को नुवाकोट में मिला मुफ्त इलाज.

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के कारण अपनी नियमित दवाएं और जरूरी सामान गंवा चुके बुजुर्गों के लिए एक बड़ी राहत भरी पहल सामने आई है। बाढ़ की तबाही के बाद जिन लोगों की जीवनरक्षक दवाएं पानी में बह गईं और जो मेडिकल स्टोर तक नहीं पहुंच पा रहे थे, उनके लिए नेपाल के नुवाकोट में एक विशेष निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 200 लोगों ने पहुंचकर अपनी स्वास्थ्य जांच कराई और डॉक्टरों से सलाह ली। यह मानवीय पहल ऐसे समय में की गई जब प्रभावित इलाकों के लोग आपदा के बाद पैदा हुई मुश्किलों से जूझ रहे थे और उन्हें समय पर सही इलाज की सख्त जरूरत थी।
सेवा इंटरनेशनल और नेपाल सीएमए संघ की पहल
यह राहत शिविर शनिवार को सेवा इंटरनेशनल और नेपाल सीएमए संघ के संयुक्त प्रयासों से लगाया गया था। इस कैंप में मुख्य रूप से उन बुजुर्गों पर ध्यान दिया गया जो बाढ़ के कारण अपनी नियमित दवाइयां खो चुके थे। शिविर के दौरान कुल 101 बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें 48 महिलाएं और 53 पुरुष शामिल थे। नेपाल में हाल ही में आई भयंकर बाढ़ के दौरान शुगर यानी डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और अन्य पुरानी व गंभीर बीमारियों से जुड़ी दवाएं पानी में बह गई थीं या नष्ट हो गई थीं। ऐसे सभी प्रभावित बुजुर्गों को इस शिविर में डॉक्टरों द्वारा स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और जरूरी दवाएं बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराई गईं ताकि उनकी सेहत में कोई गिरावट न आए।
विभिन्न बीमारियों की जांच और मानसिक तनाव पर विशेष ध्यान
नुवाकोट में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर में बुजुर्गों से जुड़ी आम और खास बीमारियों की व्यापक जांच की गई। इसके अलावा शिविर में ऑर्थोपेडिक्स यानी हड्डियों से जुड़ी समस्याएं, हृदय रोग यानी दिल की बीमारी और दंत चिकित्सा यानी दांतों से जुड़ी सेवाएं भी मरीजों को प्रदान की गईं। बाढ़ और आपदा के इस भयानक दौर के बाद कई परिवारों के सदस्य मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए शिविर में विशेष रूप से 25 बुजुर्गों और उनके परिवार के सदस्यों को तनाव प्रबंधन तथा मनोसामाजिक परामर्श भी दिया गया ताकि वे मानसिक रूप से मजबूत हो सकें और इस आपदा के असर से बाहर आ सकें।
सुरक्षा बलों को भी दी गईं जीवनरक्षक दवाएं
इस राहत अभियान के तहत केवल आम नागरिकों और बुजुर्गों का ही ध्यान नहीं रखा गया, बल्कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दिन-रात राहत और बचाव कार्य में जुटे सुरक्षाकर्मियों को भी मदद पहुंचाई गई। आपदा के दौरान अपनी जान जोखिम डालकर लोगों की मदद करने वाली नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल के बेस कैंप पर भी कुछ आवश्यक जीवनरक्षक और महत्वपूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई गईं। इस पूरी जानकारी की पुष्टि हिन्दुस्थान समाचार के पत्रकार पंकज दास द्वारा भेजी गई रिपोर्ट से होती है, जिसमें आपदा के समय दी जा रही इस जरूरी सहायता का पूरा विवरण दिया गया है।