नेपाल के पीएम बालेन शाह का जन्माष्टमी पर संदेश, बाढ़ पीड़ित बच्चों को मिलेगा जल्द नया आशियाना।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने देश के बाढ़ प्रभावित बच्चों के नाम एक बेहद भावुक संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ देशभर के बच्चे भगवान कृष्ण और राधा के रूप में सज-धजकर इस बड़े त्योहार का आनंद ले रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बाढ़ की विभीषिका झेल रहे इलाकों के बच्चे गहरे दुख और दर्द के साए में जीने को मजबूर हैं। प्रधानमंत्री ने स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि कई छोटे बच्चे अभी भी आपदा के बाद अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। भीषण बाढ़ और लगातार बारिश के कारण देश के कई घर, बस्तियां पूरी तरह से खंडहर में बदल चुकी हैं और बच्चों के खेलने-कूदने के मैदान तक मलबे के ढेर के नीचे पूरी तरह दब गए हैं।
बचाव और राहत कार्यों की जानकारी
प्रधानमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि प्राकृतिक आपदा आने के तुरंत बाद से ही सरकार ने राहत और बचाव कार्यों को सबसे पहली प्राथमिकता दी थी। इस दौरान गंभीर रूप से घायल लोगों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगों और बुजुर्गों को सुरक्षित बाहर निकालने पर विशेष ध्यान दिया गया और यह अभियान अभी भी लगातार जारी है। सरकार की तरफ से संकट में फंसे लोगों के लिए कई जगहों पर विशेष होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री ने इन केंद्रों में रह रहे सभी बच्चों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें बहुत जल्द ही सुरक्षित, पक्के और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।
भविष्य की आपदाओं के लिए बच्चों को सलाह
अपने संदेश में पीएम बालेन्द्र शाह ने देश के छोटे बच्चों और नागरिकों से अपील की कि वे भविष्य में आने वाली किसी भी संभावित प्राकृतिक आपदा के लिए हमेशा पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने बच्चों को सुझाव दिया कि वे आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अपना एक छोटा सा आपदा बैग तैयार करके रखें। इसके अलावा उन्होंने छोटी-छोटी बचत करने और देश में तेजी से बदल रहे मौसम यानी जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के बारे में अध्ययन करने और उस पर आपस में चर्चा करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि नेपाल एक पहाड़ी देश है और इसका सबसे ज्यादा और बुरा असर हमारे हिमालयी क्षेत्रों पर पड़ रहा है, इसलिए हर नागरिक को आपदा से बचने और दूसरों की जान बचाने के उपाय सीखने की सख्त जरूरत है।
सुरक्षा बलों और सहयोगी देशों का आभार
प्रधानमंत्री के आंकड़ों के अनुसार, देश में आई बाढ़ और अन्य आपदाओं के बाद से अब तक कुल 13 हजार 095 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। इस मुश्किल समय में दिन-रात एक करके राहत कार्यों में जुटे रहने वाले सुरक्षा बलों जैसे कि नेपाली सेना, नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल नेपाल और अन्य तकनीकी एवं विशेषज्ञ टीमों के प्रति उन्होंने दिल से आभार जताया। इसके अलावा संकट की इस घड़ी में मदद का हाथ बढ़ाने वाले विदेशों में रह रहे प्रवासी नेपाली नागरिकों, मित्र देशों और तमाम विकास साझेदार संस्थाओं को भी उन्होंने धन्यवाद दिया। अंत में उन्होंने बच्चों को संदेश दिया कि कृष्ण भगवान की शिक्षा के अनुसार विपदा के समय कभी भी निराश होकर नहीं बैठना चाहिए, बल्कि पूरे धैर्य, कर्तव्यनिष्ठा और आपसी एकता के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।