नेपाल के पीएम संयुक्त राष्ट्र में सिर्फ गुटेरेस से मिलेंगे, जलवायु न्याय पर देंगे जोर.

Sushma Kumari18 September 20263 min read13 viewsWorld
नेपाल के पीएम संयुक्त राष्ट्र में सिर्फ गुटेरेस से मिलेंगे, जलवायु न्याय पर देंगे जोर.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह न्यूयॉर्क जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस पांच दिवसीय महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री शाह की केवल संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटीरियो गुटेरेस के साथ ही द्विपक्षीय मुलाकात तय हो पाई है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री शाह का इस बार अन्य देशों के नेताओं से मिलने का कोई खास कार्यक्रम नहीं है और उन्होंने अपनी तमाम बैठकों की जिम्मेदारी विदेश मंत्री शिशिर खनाल को सौंप दी है।

यात्रा का पूरा कार्यक्रम और तिथियां

मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री 22 सितंबर को न्यूयॉर्क के लिए काठमांडू से रवाना होंगे और वहां तीन दिन बिताने के बाद 25 सितंबर की सुबह संयुक्त राष्ट्र महासभा को अपना संबोधन देंगे। इसके ठीक अगले दिन यानी 26 सितंबर को उनके वापस स्वदेश लौटने का पूरा कार्यक्रम तय किया गया है। विदेश सचिव अमृत बहादुर राई ने यह स्पष्ट किया है कि महासचिव गुटेरेस के साथ बैठक और महासभा में भाषण देने के अलावा प्रधानमंत्री का कोई दूसरा उच्चस्तरीय द्विपक्षीय कार्यक्रम इस दौरे में शामिल नहीं है।

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विदेश मंत्री संभालेंगे अन्य बड़ी बैठकें

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने अन्य वैश्विक नेताओं के साथ मुलाकातों में अपनी रुचि नहीं दिखाई है और सभी द्विपक्षीय बैठकों की जिम्मेदारी विदेश मंत्री शिशिर खनाल को दी गई है। महासभा के दौरान नेपाल की तरफ से आयोजित होने वाली विशेष बैठक ‘सगरमाथा से समुद्र तक: जलवायु लचीले भविष्य के लिए आह्वान’ में भी प्रधानमंत्री शामिल नहीं होंगे और इस अहम बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री खनाल ही करेंगे। इस बैठक में मुख्य रूप से वैश्विक जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालयी क्षेत्रों पर पड़ रहे बुरे प्रभावों और उससे उत्पन्न हो रहे विनाशकारी परिणामों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

विदेश मंत्री शिशिर खनाल का यह दौरा करीब 10 दिनों का होगा और वह शनिवार को ही न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो जाएंगे। अपने इस लंबे दौरे के दौरान वह संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना मिशन, स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और अल्प विकसित देशों से जुड़ी कई उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगे और नेपाल का पक्ष रखेंगे। इसके अलावा उनकी मुलाकात भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और चीन के कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य तथा उपराष्ट्रपति हान झेंग के साथ भी होने की पूरी तैयारी है।

जलवायु न्याय और मुआवजे की मांग

विदेश सचिव राई ने मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री शाह अपने संबोधन के दौरान पूरी दुनिया का ध्यान नेपाल में जलवायु परिवर्तन और आपदाओं से हो रहे बड़े पैमाने पर जनधन के नुकसान की ओर खींचेंगे। वह इस बड़े मुद्दे को मजबूती से उठाएंगे कि नेपाल का कार्बन उत्सर्जन बहुत कम है, फिर भी उसे जलवायु परिवर्तन के सबसे गंभीर और घातक दुष्प्रभावों को झेलना पड़ रहा है। भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के तुरंत बाद हो रही इस यात्रा के कारण उनके संबोधन का मुख्य केंद्र बिंदु केवल जलवायु न्याय ही रहने की पूरी संभावना है।

फिलहाल प्रधानमंत्री कार्यालय के तमाम अधिकारी और विशेषज्ञ उनके इस भाषण के मसौदे को अंतिम रूप देने में दिन-रात जुटे हुए हैं, जिसमें सोशल मीडिया के जरिए आम जनता से मिले सुझावों को भी शामिल किया जा रहा है। प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय मंच से नेपाल को जलवायु परिवर्तन के कारण हुए नुकसान का तत्काल और उचित मुआवजा देने की मांग पुरजोर तरीके से रखेंगे। इसके अलावा वह अमीर और विकसित देशों से यह अपील भी करेंगे कि वे नेपाल में जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे के निर्माण, स्मार्ट कृषि को बढ़ावा देने के लिए जरूरी तकनीक और जलवायु वित्त रियायती शर्तों पर उपलब्ध कराएं।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे 16 सदस्य

इस बार संयुक्त राष्ट्र महासभा में नेपाल का प्रतिनिधित्व करने वाले उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में कुल 16 सदस्य शामिल किए गए हैं। विदेश मंत्रालय के नियमों के अनुसार प्रधानमंत्री के साथ 11 लोग और विदेश मंत्री खनाल के साथ 5 सदस्य न्यूयॉर्क की यात्रा पर जाएंगे। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रधानमंत्री के मुख्य सलाहकार कुमार व्यञ्जनकार, विदेश सचिव अमृत बहादुर राई, सह सचिव कृष्णप्रसाद ढकाल, प्रमुख शिष्टाचार महापाल कुमार खरेल और संयुक्त राष्ट्र के लिए नेपाल के स्थायी प्रतिनिधि लोक बहादुर थापा जैसे तमाम वरिष्ठ अधिकारी अपनी सेवाएं देंगे।

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