नेपाल पुलिस के नए आईजी बने मनोज कुमार केसी, दान बहादुर कार्की हटाए गए

नेपाल कैबिनेट ने आपात बैठक कर पुलिस प्रमुख दान बहादुर कार्की को हटाया और मनोज कुमार केसी को नया आईजी नियुक्त किया है।

Lov Singh4 November 20262 min read0 views
नेपाल पुलिस के नए आईजी बने मनोज कुमार केसी, दान बहादुर कार्की हटाए गए

काठमांडू (नेपाल): नेपाल की कैबिनेट ने बुधवार को एक आपात बैठक बुलाकर पुलिस प्रमुख में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने दान बहादुर कार्की को हटाकर मनोज कुमार केसी को नेपाल पुलिस का नया महानिरीक्षक (IGP) नियुक्त किया है।

इस नियुक्ति के बाद गृह मंत्री सुदान गुरुंग ने डॉ. मनोज कुमार केसी को आईजी रैंक का इंसिग्निया पहनाया। पिछले तीन दशकों में यह पहली बार हुआ है जब गृह मंत्री ने खुद यह जिम्मेदारी निभाई है, जबकि इससे पहले यह काम गृह सचिव द्वारा किया जाता था। मनोज कुमार केसी इससे पहले आपराधिक जांच विभाग (CID) के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे।

मंत्रिपरिषद की इस बैठक में दान बहादुर कार्की को पुलिस नेतृत्व से हटाकर प्रधानमंत्री का सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह पिछले गुरुवार को ही एक नियमित कैबिनेट बैठक में कार्की को हटाने चाहते थे। इस मुद्दे पर उन्होंने एक दिन पहले सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रबी लामिछाने से भी चर्चा की थी।

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कार्की को हटाने के पीछे मुख्य कारण मनी लॉन्ड्रिंग और बैंकिंग अपराधों के आरोप में हिरासत में लिए गए इनाम सपकोटा के साथ उनके कथित संबंधों को बताया जा रहा है। उन पर सपकोटा जांच में ढिलाई बरतने और तत्काल गिरफ्तारी के आदेशों का विरोध करने के आरोप थे।

मामला तब और बिगड़ गया जब सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस हरि फुयाल और सपकोटा के बीच व्हाट्सएप चैट लीक हो गई। साथ ही यह बात भी सामने आई कि प्रधानमंत्री के राजनीतिक सलाहकार कुमार ब्यानजंकर (कुमार बेन) ने दो दिनों तक सपकोटा का मोबाइल फोन अपने पास रखा था। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस घटना ने सरकार को और नाराज कर दिया, जिसके बाद बुधवार को आपात बैठक बुलाई गई।

प्रधानमंत्री सचिवालय और कार्की के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण थे। यह दरार तब और बढ़ गई जब कार्की ने प्रधानमंत्री को सपकोटा और कुमार बेन के बीच हुई बातचीत के बारे में जानकारी दी और चेतावनी दी कि यदि ये विवरण सार्वजनिक हुए तो सरकार को शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है।

वहीं, सरकारी प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने कार्की को हटाने के कारणों पर कोई असंतोष जाहिर नहीं किया। उन्होंने बताया कि एक नया पद बनाया गया है और कार्की के लिए यह केवल जिम्मेदारी में बदलाव है।

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