नेपाल बाढ़ हादसा: रसुवा की भोटेकोशी नदी में आए उफान से बहे लोगों में 158 शव बरामद.

नेपाल के रसुवा जिले से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण लापता हुए लोगों की तलाश के दौरान अब तक कुल 158 शव बरामद किए जा चुके हैं। इस दिल दहला देने वाली त्रासदी ने पूरे इलाके में मातम पसर दिया है और प्रशासन लगातार राहत तथा बचाव कार्य में जुटा हुआ है ताकि बाकी बचे लापता लोगों का भी पता लगाया जा सके। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी लगातार इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि नदी के किनारे और आसपास के इलाकों से लगातार शव मिलने का सिलसिला जारी है, जिससे मृतकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
नारायणी नदी के अलग-अलग हिस्सों से मिले शव
जिला पुलिस कार्यालय नवलपरासी पूर्व के सूचना अधिकारी एवं डीएसपी अनिल पंडित के मुताबिक, नवलपरासी यानी बर्दघाट सुस्ता पूर्व जिले से होकर बहने वाली नारायणी नदी के विभिन्न स्थानों पर शुक्रवार शाम तक कुल 158 शव बरामद किए जा चुके हैं। इन बरामद किए गए शवों में से 109 शव ऐसे हैं जो पूरे शरीर के रूप में मिले हैं, जबकि बाकी के 49 शव ऐसे हैं जिनके शरीर के अलग-अलग हिस्से ही मिल पाए हैं। पानी के तेज बहाव और आपदा की भीषणता इतनी ज्यादा थी कि कई लोगों के शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिले हैं, जिनकी पहचान करना भी प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
शवों की विस्तृत जानकारी और श्रेणियां
पुलिस अधिकारी की तरफ से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बरामद किए गए कुल शवों और अंगों में 31 महिलाओं, 51 पुरुषों, 8 बालकों और 11 बालिकाओं के शव शामिल हैं। इसके अलावा जो अन्य अवशेष बरामद हुए हैं उनमें 30 पैर, 11 हाथ, 3 जांघें, कमर के ऊपर का एक हिस्सा, सिर का एक हिस्सा, पेट का एक हिस्सा, शरीर का बायां हिस्सा और छाती का एक हिस्सा शामिल है। इस भयानक आंकड़े से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस बाढ़ ने कितनी बड़ी तबाही मचाई है और आम जनजीवन को किस तरह से बुरी तरह प्रभावित किया है।
गैंडाकोट नगरपालिका में मिले सबसे ज्यादा शव
इस भीषण आपदा में सबसे ज्यादा असर गैंडाकोट नगरपालिका पर पड़ा है, जहाँ अकेले इस इलाके से 103 शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा मध्यविंदु नगरपालिका में 22 शव, कावासोती नगरपालिका में 12 शव, विनयी त्रिवेणी गांवपालिका में 12 शव और देवचुली नगरपालिका में 9 शव बरामद हुए हैं। प्रशासन लगातार इन सभी इलाकों में निगरानी रख रहा है और स्थानीय लोगों की मदद से नदी के किनारों की गहन तलाशी ली जा रही है ताकि कोई भी शव पीछे न छूट जाए।
अस्पतालों और सुरक्षित स्थानों पर रखे गए शव
नारायणी नदी के किनारे और आसपास के इलाकों से मिलने वाले इन सभी शवों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन ने नजदीकी अस्पतालों और सरकारी भवनों का इस्तेमाल किया है। नगर अस्पताल गैंडाकोट में 48 शव, मध्यविंदु प्रादेशिक अस्पताल डंडा में 46 शव, नगर अस्पताल मध्यविंदु में 6 शव और अंकुर सामुदायिक वन के भवन में 5 शव सुरक्षित रखे गए हैं। इसके अलावा पहचान और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए गंडकी अस्पताल पोखरा में 41 शव, लुंबिनी मेडिकल कॉलेज प्रभास पाल्पा में 2 शव, प्रदेश अस्पताल पाल्पा में 4 शव और मिशन अस्पताल पाल्पा में 2 शव भेजे गए हैं। डीएसपी अनिल पंडित ने यह भी बताया कि अभी भी 9 शव नदी के किनारे ही फंसे हुए हैं जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तेजी से तैयारियां की जा रही हैं।