नेपाल ने मांगी संयुक्त राष्ट्र से 20 मिलियन डॉलर की मदद, भारी तबाही के बाद जलवायु हर्जाने का किया दावा

Aanya9 September 20262 min read23 viewsWorld
नेपाल ने मांगी संयुक्त राष्ट्र से 20 मिलियन डॉलर की मदद, भारी तबाही के बाद जलवायु हर्जाने का किया दावा

नेपाल सरकार ने संयुक्त राष्ट्र के फंड से 20 million dollar यानी करीब 2 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद और जलवायु न्याय की मांग की है। यह मांग देश और चीन के तिब्बत क्षेत्र में अगस्त के आखिरी हफ्ते में आए भयानक बाढ़ के बाद की गई है। इस प्राकृतिक आपदा की शुरुआत 26 August 2026 को ग्लेशियर के एक हिस्से के टूटने से हुई थी, जिसकी वजह से पहाड़ी इलाकों में भयानक भूस्खलन और अचानक बाढ़ आ गई थी।

आपदा में हुई भारी तबाही और वैज्ञानिकों की चेतावनी

इस बड़ी तबाही में 1,300 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और हजारों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। चीनी विज्ञान अकादमी के वैज्ञानिक कांग शिचांग समेत कई जानकारों ने इस आपदा के पीछे हिमालयी क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे तापमान को मुख्य वजह बताया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि हिमालय क्षेत्र वैश्विक औसत की तुलना में लगभग 50% तेजी से गर्म हो रहा है, जिसका सीधा असर यहां के मौसम और ग्लेशियरों पर पड़ रहा है।

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मंत्रालयों ने मिलकर भेजा आवेदन

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए 1 September 2026 को नेपाल के वित्त मंत्रालय और पर्यावरण मंत्रालय ने मिलकर 20 million dollar के अनुदान के लिए संयुक्त रूप से आवेदन किया। देश के विदेश मंत्री Shisir Khanal इस दावे को लेकर लगातार अपनी बात रख रहे हैं। उनका कहना है कि नेपाल दुनिया भर में फैलने वाली ग्रीनहाउस गैसों में 0.1% से भी कम योगदान देता है, लेकिन इसके बावजूद जलवायु परिवर्तन के बुरे प्रभावों का सबसे बड़ा शिकार नेपाल बन रहा है।

फंड की स्थिति और आगे की प्रक्रिया

यह पूरा आवेदन संयुक्त राष्ट्र के Fund for Responding to Loss and Damage के जरिए भेजा गया है, जिसे COP27 के दौरान बनाया गया था। हालांकि, यह फंड इस समय भारी दबाव में चल रहा है क्योंकि इसे 119 देशों की तरफ से कुल 2.8 billion dollar की मांग मिली है, जबकि इसके मुकाबले फंड में अभी तक केवल 400 million dollar की प्रतिबद्धता ही मिल पाई है। नेपाल द्वारा मांगा गया 20 million dollar का यह फंड इसके पायलट प्रोजेक्ट अनुदान की सीमा के अंदर ही आता है।

अधिकारियों का मानना है कि इस आपदा से देश को कुल 5 billion to 7 billion dollar का आर्थिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा इस आपदा ने नेपाल की कुल जलविद्युत क्षमता के 10% हिस्से को पूरी तरह से ठप कर दिया है। 9 September 2026 तक इस मामले में कूटनीति प्रयास जारी हैं, लेकिन संयुक्त राष्ट्र बोर्ड की अगली बैठक अब दिसंबर के बीच में होगी, जिसकी वजह से इस सहायता राशि के मिलने में थोड़ा वक्त लग सकता है।

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