Nepal Flash Floods: नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर भारी बाढ़ के बाद 53 भारतीय पहुंचे काठमांडू, मची अफरातफरी.

नेपाल और तिब्बत बॉर्डर क्षेत्र में आई भयानक बाढ़ के कारण फंसे भारतीय नागरिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत के 53 नागरिक, जिनमें महाराष्ट्र के 37 लोग भी शामिल हैं, शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को सुरक्षित काठमांडू पहुंच गए। यह सभी लोग चीन की तरफ भारत-नेपाल सीमा पर फंसे हुए थे और हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए थे। विदेश मंत्रालय यानी MEA ने इस बात की पुष्टि की है कि काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों और चीनी अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल के बाद इन सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस पूरी घटना के बाद से ही प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों के परिवारों में चिंता का माहौल बना हुआ था, लेकिन अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने की कोशिश हो रही है।
विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी और मंत्री एस जयशंकर कर रहे हैं निगरानी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया को बताया कि कुल 96 भारतीय नागरिकों ने जमीनी रास्तों का इस्तेमाल करके चीन से नेपाल की सीमा को पार किया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार को कुल 149 भारतीयों ने इस रास्ते को पार किया। देश के विदेश मंत्री एस जयशंकर खुद इस पूरे संकट पर अपनी नजर बनाए हुए हैं और लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं। इसी राहत अभियान के तहत तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्रियों को भी सुरक्षित बचा लिया गया जिन्हें शुक्रवार को नई दिल्ली लाया गया। विदेश मंत्री ने नेपाल की सेना और वहां की सरकार का धन्यवाद किया है जिन्होंने इस मुश्किल समय में बचाव कार्य के लिए पूरा सहयोग दिया। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं।
महाराष्ट्र सरकार का बयान और अभी भी फंसे हैं कई लोग
शुक्रवार को दोपहर 1 बजे तक महाराष्ट्र राज्य सरकार ने यह पुष्टि की थी कि राज्य के कुल 395 नागरिक जो उस इलाके में फंसे थे, उनमें से 325 लोगों से संपर्क हो चुका है और वे सभी सुरक्षित हैं। इन सभी को काठमांडू से उनके गृह राज्य वापस भेजने की प्रक्रिया अभी चल रही है। हालांकि इतनी कोशिशों के बाद भी लगभग 400 भारतीय नागरिक अभी भी चीनी सीमा की तरफ फंसे हुए हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि वे सुरक्षित बताए जा रहे हैं। इसके अलावा चिंता की बात यह है कि अब भी 320 ऐसे लोग हैं जिनका कोई पता नहीं चल पाया है और वे लापता या संपर्क से बाहर हैं।
मानवीय सहायता और राहत सामग्री भेजी गई
क्षेत्र में मानवीय संकट बहुत ज्यादा गहराया हुआ है क्योंकि नेपाल में अचानक आई इन बाढ़ों की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 538 हो गई है। वहीं तिब्बत में भी 5 लोगों की मौत की खबर है और वहां 558 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इस भयंकर आपदा से निपटने के लिए भारत सरकार की तरफ से मदद लगातार भेजी जा रही है। भारत ने राहत सामग्री की तीसरी खेप भेज दी है जिसमें 10 टन सामान शामिल है। इसके साथ ही अब तक कुल 57.5 टन राहत सामग्री प्रभावित इलाकों में पहुंचाई जा चुकी है। इस नई खेप में खाने के पैकेट, डिग्निटी किट, पोर्टेबल जनरेटर, पानी को साफ करने वाली टैबलेट और 11 सदस्यों की एक इमरजेंसी रिस्पांस टीम शामिल है। इस टीम में डॉक्टर, पैरामेडिक्स और सुरंग बचाव विशेषज्ञ यानी टनल रेस्क्यू स्पेशलिस्ट भी मौजूद हैं जो राहत और बचाव के काम में पूरी तरह से जुटे हुए हैं।