नेपाल में बाढ़ के 25 दिन बाद टनल से मिले 11 और शव, तलाश जारी.

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और तबाही को पूरे 25 दिन बीत चुके हैं, लेकिन दर्दनाक हादसों के निशान अभी भी पूरी तरह मिट नहीं पाए हैं। शनिवार को राहत और बचाव कार्य के दौरान एक बार फिर से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई, जब अधिकारियों ने अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना की सुरंग से 11 और शवों को बरामद किया। इस घटना के बाद से इलाके में मातम का माहौल है और लापता लोगों के परिवार वाले अभी भी अपनों की तलाश में टकटकी लगाए बैठे हैं।
सुरंग के अंदर मलबे और लोहे की जाली में फंसे थे शव
नेपाली सेना से मिली जानकारी के अनुसार, जब बचाव दल के जवान सुरंग के अंदर खोजबीन कर रहे थे, तब उन्हें भारी मात्रा में कीचड़ और मलबे के बीच कुछ शव नजर आए। स्थिति यह थी कि कई शव पानी के तेज बहाव के साथ बहकर आए और लोहे की जालियों में बुरी तरह फंस गए थे। सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त दलों ने काफी मशक्कत के बाद इन सभी 11 शवों को सुरक्षित बाहर निकाला और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए भेज दिया। बाढ़ के कारण प्रोजेक्ट की सुरंगों के भीतर भारी मात्रा में गाद और मलबा भर गया है, जिससे बचाव अभियान में लगातार भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भोटेकोशी नदी की बाढ़ ने मचाई थी भयंकर तबाही
आप को बता दें कि नेपाल के रसुवा जिले में बहने वाली भोटेकोशी नदी में कुछ हफ्ते पहले अचानक भीषण बाढ़ आ गई थी। इस कुदरती कहर ने आसपास के इलाकों में भारी पैमाने पर जान और माल का नुकसान किया था। पानी का बहाव इतना तेज था कि लोग संभल भी नहीं पाए और देखते ही देखते कई लोग लापता हो गए। घटना के बाद से ही लगातार अलग-अलग जगहों पर सुरक्षा बल लापता लोगों की तलाश में दिन-रात जुटे हुए हैं। जैसे-जैसे सुरंगों से मलबा हटाने का काम आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे और भी दुखद खुलासे सामने आ रहे हैं।
सेना का खोज और बचाव अभियान अभी भी है जारी
अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों के भीतर लगातार शव मिलने के बाद नेपाली सेना ने अपने तलाशी अभियान को और अधिक तेज कर दिया है। सेना के अधिकारियों का कहना है कि जब तक सुरंग के भीतर और आसपास के संभावित स्थानों से सारा मलबा हटा नहीं लिया जाता, तब तक यह अभियान बंद नहीं किया जाएगा। प्रशासन की कोशिश है कि बाढ़ की इस आपदा में जान गंवाने वाले सभी लोगों के अवशेषों को ढूंढा जाए और उन्हें पूरी सम्मान के साथ उनके परिवार वालों तक पहुंचाया जा सके। इस पूरी आपदा और राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी हिन्दुस्तान समाचार के माध्यम से सामने आई है।