नेपाल: नेपाली कांग्रेस में नए पदाधिकारियों के चुनाव शुरू, गगन थापा पर टिकी नजरें

Gautam Sahu9 October 20262 min read0 viewsWorld
नेपाल: नेपाली कांग्रेस में नए पदाधिकारियों के चुनाव शुरू, गगन थापा पर टिकी नजरें

नेपाल की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी, नेपाली कांग्रेस, शुक्रवार को अपने उच्च पदों के लिए चुनाव कर रही है। यह चुनाव स्थानीय चुनावों से एक साल पहले हो रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य पार्टी को अंदरूनी तौर पर मजबूत करना और पिछले चुनावों में मिली हार की भरपाई करना है। मतदान की प्रक्रिया शुक्रवार सुबह शुरू हुई, जिसमें सबसे वरिष्ठ प्रतिनिधि शोभकांता बरल ने पहला वोट डालकर शुरुआत की।

पार्टी के भीतर इस समय काफी उत्साह देखा जा रहा है। कई प्रतिनिधि सुबह से ही कतारों में खड़े नजर आए, क्योंकि वे जल्द से जल्द मतदान पूरा कर अपने परिवारों के साथ दशैं का त्योहार मनाना चाहते हैं। इस चुनाव के जरिए पार्टी एक नई केंद्रीय कार्य समिति (Central Working Committee) का गठन करेगी।

वोटरों का भरोसा जीतने की चुनौती

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पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष गगन कुमार थापा, जो इस पद पर बने रहने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं, ने बताया कि यह केवल एक नियमित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि पार्टी के पुनर्गठन का एक मौका है। उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों में पार्टी को काफी नुकसान उठाना पड़ा है और उनकी प्राथमिकता उन पारंपरिक मतदाताओं को वापस लाना है जो उनसे दूर हो गए हैं।

थापा के अनुसार, लगभग 10 लाख ऐसे मतदाता हैं जो लंबे समय से नेपाली कांग्रेस को वोट देते रहे थे, लेकिन पिछले चुनाव में उन्होंने पार्टी का साथ छोड़ दिया। थापा का मानना है कि पार्टी अब एक नए अवतार में उन मतदाताओं की शिकायतों को दूर करते हुए उनके पास जाएगी।

इस चुनावी प्रक्रिया की कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • कुल 7,317 पात्र प्रतिनिधि अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।
  • चुनाव के जरिए पार्टी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त महासचिव और केंद्रीय समिति के सदस्यों का चयन किया जाएगा।
  • पार्टी ने अपने नियमों में बदलाव कर केंद्रीय कार्य समिति की सदस्य संख्या बढ़ाकर 297 कर दी है।

गौरतलब है कि नेपाली कांग्रेस इस समय प्रतिनिधि सभा में 38 सीटों के साथ सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है। हालांकि, पार्टी के भीतर अभी भी खींचतान जारी है। जहाँ गगन थापा गुट इस नियमित सम्मेलन के जरिए वैधानिक आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है, वहीं शेर बहादुर देउबा गुट इस पूरी प्रक्रिया का बहिष्कार कर रहा है और दिसंबर में एक अलग बैठक बुलाने की योजना बना रहा है।

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