Qatar Bombing: इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कतर पर हमले की बात खुलकर कबूली, दी बड़ी सफाई.

इस्रायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने एक इंटरव्यू में बड़ा दावा किया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कतर पर बमबारी करने की जिम्मेदारी ली है। i24NEWS को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने यह बात 5 सितंबर 2026 को कही। इस दौरान उन्होंने कतर को एक 'शत्रुतापूर्ण' देश बताया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1323 का हवाला देकर अपनी कार्रवाई को सही ठहराया। उनके इस बयान के बाद पूरे इलाके में हलचल तेज हो गई है। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब दोहा में हुए उस हमले का पहला साल नजदीक है, जिसमें पांच हमास सदस्य और कतर का एक सुरक्षा अधिकारी मारे गए थे।
इस्राइल में चुनाव और राजनीतिक सरगर्मी
इस्रायल में आगामी 27 अक्टूबर 2026 को विधायी चुनाव होने वाले हैं। सात अक्टूबर 2023 को हुए हमास के हमले के बाद यह देश का पहला चुनाव होगा। चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक दलों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। 6 सितंबर 2026 के राजनीतिक आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री नेतन्याहू का गुट और विपक्षी नेता Gadi Eisenkot की यशार पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला है। दोनों ही पक्षों को लगभग 53 सीटें मिलने का अनुमान जताया जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान 7 अक्टूबर की घटना और शुरुआती सुरक्षा चूकों पर जांच आयोग बैठाने की मांग एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है, हालांकि प्रधानमंत्री अब तक इस मांग का विरोध करते आए हैं।
गाजा में मानवीय संकट और मलबे से मिले शव
दूसरी तरफ गाजा पट्टी में मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। 6 सितंबर 2026 को गाजा सिविल डिफेंस टीमों ने मलबे से निकाले गए लगभग 100 शवों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया। इन शवों में 62 से 70 बच्चे भी शामिल थे। ये सभी लोग पिछले दो साल से मलबे के नीचे दबे हुए थे और इन्हें मुख्य रूप से गाजा सिटी के जैतून इलाके से बाहर निकाला गया। मरने वालों में मलका परिवार के 55 सदस्य भी शामिल थे, जिनकी मौत नवंबर 2023 के एक हवाई हमले में हुई थी। गाजा की लापता व्यक्तियों से जुड़ी सरकारी समिति के प्रमुख Omar Nofal ने बताया कि आधिकारिक तौर पर 6,000 लोग लापता दर्ज हैं, लेकिन असल आंकड़ा 15,000 तक पहुंच सकता है। इस पूरे घटनाक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव पर अलजाहिर अंग्रेजी की रिपोर्टर Lina Serene लगातार कवरेज कर रही हैं।