इसराइल चुनाव से पहले बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा दावा, कहा मध्य पूर्व का नक्शा बदला लेकिन अस्तित्व खतरे में।

Sushma Kumari30 August 20262 min read22 viewsWorld
इसराइल चुनाव से पहले बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा दावा, कहा मध्य पूर्व का नक्शा बदला लेकिन अस्तित्व खतरे में।

इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने अपने कार्यकाल के दौरान मध्य पूर्व का चेहरा बदलने का दावा किया है। उन्होंने आगामी 26th Knesset चुनावों को लेकर चेतावनी दी है कि इसराइल का अस्तित्व इस समय खतरे में है। ये चुनाव आगामी 27 अक्टूबर 2026 को मंगलवार के दिन आयोजित किए जाएंगे। साल 1988 के बाद यह पहला मौका है जब इसराइल में समय से पहले चुनाव नहीं हो रहे हैं और सरकार अपना कार्यकाल पूरा कर रही है।

बंद कमरों की बैठकों में हार की चिंता

सरकारी स्तर पर जीत के लाख दावे किए जा रहे हैं लेकिन 27 अगस्त 2026 को हुई बंद कमरे की बैठकों से सामने आई रिपोर्ट बताती है कि प्रधानमंत्री ने निजी तौर पर चिंता जताई थी। उनका मानना था कि अगर पार्टी की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उनकी Likud पार्टी चुनाव हार सकती है। हालांकि पार्टी के अधिकारियों ने इन रिपोर्टों को खारिज करते हुए इसे फर्जी खबर बताया और कहा कि वह नेतन्याहू के नेतृत्व में ही चुनाव जीतेंगे। इसके बावजूद हालिया सर्वे के आंकड़े पार्टी की घटती लोकप्रियता की तरफ इशारा कर रहे हैं।

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चुनावी सर्वे में लिकुड पार्टी को बड़ा नुकसान

चैनल 13 द्वारा 27 अगस्त को जारी किए गए एक पोल में लिकुड पार्टी को केवल 19 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था। इसके अलावा 30 अगस्त को ग्लोब्स पोल ऑफ पोल्स ने इस पार्टी को 23 सीटें दी हैं जो कि मौजूदा 32 सीटों के मुकाबले एक बड़ी गिरावट को साफ दिखाता है। इस चुनाव में गदी आइसेनकोट की Yashar पार्टी सबसे मजबूत चुनौती बनकर सामने आई है। ताजा सर्वे के मुताबिक इस पार्टी को 24 सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है।

विपक्षी खेमा और दक्षिणपंथी दलों की स्थिति

गदी आइसेनकोट के नेतृत्व वाले यहूदी विपक्षी ब्लॉक को कुल मिलाकर 57 सीटें मिलने का अनुमान है जबकि बेंजामिन नेतन्याहू के गठबंधन को सिर्फ 48 सीटें ही मिल सकती हैं। प्रधानमंत्री अपने वोट को बिखरने से बचाने के लिए दक्षिणपंथी पार्टियों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि कोई भी दल 3.25% के चुनावी कोटे से नीचे न रहे। हालांकि नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben-Gvir की पार्टी ओत्ज़मा येहुदित और ओफेर विंटर की पीपुल ऑफ इसराइल पार्टी इन कोशिशों के खिलाफ हैं और वे अकेले ही चुनाव लड़ने की जिद पर अड़े हुए हैं। लिकुड अधिकारियों को डर है कि बेन-गवीर के अकेले चुनाव लड़ने से उनके अपने ही वोटर कट सकते हैं।

चुनावी प्रक्रिया और अहम तारीखें

केंद्रीय चुनाव समिति ने मतदान के लिए कुछ जरूरी तारीखें तय की हैं। इसके तहत योग्य मतदाताओं को 3 सितंबर 2026 तक अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा। उम्मीदवारों की सूची को 7 से 8 सितंबर 2026 के बीच जमा किया जाएगा। टीवी और रेडियो पर आधिकारिक चुनावी प्रचार प्रसार की शुरुआत 13 अक्टूबर 2026 से की जाएगी। इसके अलावा विदेशों में तैनात योग्य इसराइली नागरिकों के लिए शुरुआती मतदान 15 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा।

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