West Bank Violence: इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वेस्ट बैंक में हुई हिंसा की कड़ी निंदा की.

इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने वेस्ट बैंक के गांवों में हुई हिंसा को लेकर एक बड़ा और सख्त बयान दिया है। 29 अगस्त 2026 को उन्होंने खुले तौर पर उन आपराधिक घटनाओं की निंदा की जो कुछ हुड़दंगियों द्वारा अंजाम दी गई थीं। प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की हिंसा कानून के खिलाफ है और इससे देश के उन लोगों को भारी नुकसान पहुंचता है जो कानून का पालन करते हैं। इस तरह की घटनाओं से देश की सेना यानी IDF के अभियानों में भी रुकावट आती है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसराइल की छवि को ठेस पहुंचती है।
वेस्ट बैंक के गांवों में क्या हुआ था
घटना की जानकारी देते हुए बताया गया कि वेस्ट बैंक के Qusra और Jalud गांवों में दर्जनों इसराइली बस्तियों के लोग पहुंच गए थे। इन लोगों ने घरों पर हमले किए और कुछ जगहों पर तो एक फिलिस्तीनी परिवार के घर पर ही कब्जा कर लिया जबकि परिवार अंदर ही मौजूद था। इस दौरान हुई पत्थरबाजी और झड़पों में कुल 8 लोग घायल हो गए। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत सुरक्षा बलों को मैदान में उतारा गया।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
हालाەت को काबू में करने के लिए इसराइली सेना यानी IDF, बॉर्डर पुलिस, शिन बेट यानी इसराइल सुरक्षा एजेंसी और इसराइल पुलिस मौके पर पहुंची। सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हुड़दंगियों को वहां से हटाया, दोनों पक्षों को अलग किया और इलाके में शांति बहाल की। जांच के दौरान सुरक्षा बलों ने तीन ऐसे वाहनों को जब्त किया जिनका इस्तेमाल हिंसा फैलाने वाले लोग कर रहे थे। इसके अलावा कुछ अन्य सामान भी कब्जे में लिया गया। सेना ने कुछ लोगों को उस जगह से जाने का आदेश दिया और हिंसा से जुड़े मामले में 3 यहूदी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि दोषियों को पकड़कर सजा दी जा सके।
प्रशासन और नेताओं की प्रतिक्रिया
घटना के बाद प्रधानमंत्री ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों से कहा कि वे दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि वे इस मुद्दे पर चर्चा के लिए अपने मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री का यह बयान बहुत कम देखने को मिलता है और यह अमेरिका के उस दबाव के बाद आया है जिसमें उग्रवादी बस्तियों की गतिविधियों के खिलाफ आधिकारिक रूप से आवाज उठाने की मांग की गई थी। इसके अलावा वेस्ट बैंक की बस्ती के नेताओं ने भी इस हिंसा की सार्वजनिक रूप से आलोचना की और माना कि इससे इसराइल और बस्ती आंदोलन को नुकसान पहुंच रहा है।