इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा बयान, कहा- ईरान की सरकार का अंत अब पास है.

इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने 6 सितंबर 2026 को अपनी कैबिनेट की बैठक में एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि ईरान की सरकार अब बहुत कमज़ोर हो चुकी है और उसका अंत बहुत नज़दीक आ गया है. यह बैठक यरुशलम में रोशनी के पर्व रोश हशनाह से पहले आयोजित की गई थी, जहां प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित करते हुए यह बात कही.
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इसराइल का मुख्य मक़सद ईरान की सरकार को पूरी तरह से गिराना है. उन्होंने बताया कि इस मिशन को पूरा करने के बाद मध्य पूर्व और उनके लोगों का इतिहास हमेशा के लिए बदल जाएगा. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान ने कोई भी गलती की और इसराइल पर हमला किया, तो उसे ऐसा नुकसान उठाना पड़ेगा जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता है. इसराइल के प्रधानमंत्री ने अमेरिका के समर्थन का भी जिक्र किया और कहा कि दोनों देशों की सैन्य ताकत ने मिलकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम और खतरनाक मिसाइलों के खतरे को काफी हद तक कम कर दिया है.
सैन्य तनाव और क्षेत्रीय गतिविधियां
इस बयान के साथ ही मध्य पूर्व के समुद्री और मैदानी इलाकों में तनाव काफी बढ़ गया है. ईरान की तरफ से दावा किया गया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका की एक मानवरहित सैन्य नाव को निशाना बनाया. इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने उसी जल क्षेत्र में ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला किया. अमेरिकी युद्धपोतों पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC द्वारा कथित मिसाइल हमले के बाद यह कार्रवाई की गई थी. इसके अलावा इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में भी हवाई हमले किए, क्योंकि वहां से हिजबुल्लाह के लड़ाकों ने इसराइली सैनिकों पर ड्रोन से हमले किए थे.
क्षेत्र में चल रहे इन हमलों और बयानों का असर वहां रहने वाले आम लोगों और कामगारों पर भी पड़ रहा है. इस तरह की घटनाओं से खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ जाती हैं, जिससे वहां काम करने वाले प्रवासियों को भी सतर्क रहने की जरूरत पड़ती है. इसराइल और ईरान के बीच चल रही इस तनातनी ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है और हर कोई आने वाले हालातों पर नजर बनाए हुए है.