इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने ईरान में शासन परिवर्तन के लिए IDF और मोसाद को दिए निर्देश
इजरायली पीएम नेतन्याहू ने IDF और मोसाद को ईरान सरकार को हटाने की प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।

तेल अवीव: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF), मोसाद और देश की सुरक्षा शाखाओं को ईरान की सरकार को हटाने की प्राथमिकता देने का औपचारिक निर्देश दिया है। 21 अक्टूबर 2026 को IDF अधिकारियों के ग्रेजुएशन समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि इजरायल के लिए अस्तित्व के खतरे को खत्म करने का एकमात्र तरीका वहां शासन परिवर्तन ही है।
नेतन्याहू ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई पर परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिशों को फिर से शुरू करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इन हथियारों को 'मौत के बम' करार दिया। प्रधानमंत्री का दावा है कि उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ईरानी शासन को हटाने पर चर्चा की है और वाशिंगटन इस अभियान का समर्थन करने के लिए तैयार है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से नेतन्याहू के पुन: चुनाव का समर्थन किया है और ईरान में काम पूरा करने की साझा प्रतिबद्धता जताई है। हाल ही में अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी क्षेत्रीय सुरक्षा खतरों पर तालमेल बिठाने के लिए नेतन्याहू से मुलाकात की है।
इसी बीच इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने एक अन्य समारोह में चेतावनी दी कि अगर ईरान ने इजरायल पर हमला किया तो वह देश 'जल जाएगा'। यह घोषणा 27 अक्टूबर 2026 को होने वाले इजरायल के राष्ट्रीय चुनाव से ठीक पहले आई है, जिसे नेतन्याहू के नेतृत्व पर एक जनमत संग्रह के रूप में देखा जा रहा है।
विश्लेषकों ने इस योजना की व्यवहार्यता पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि पिछली सैन्य कार्रवाइयां ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकने में नाकाम रही हैं और शासन परिवर्तन के लिए केवल सैन्य हमलों के बजाय एक व्यापक जमीनी रणनीति और अंतरराष्ट्रीय समर्थन की जरूरत होगी।
ऐसी खबरें हैं कि अमेरिका और इजरायल नवंबर में अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद हमले की योजना बना सकते हैं। जवाब में ईरानी अधिकारियों ने 'फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' नामक एक नए हथियार का खुलासा करने की धमकी दी है। ईरान ने चेतावनी दी है कि सैन्य कार्रवाई शुरू होने पर वह अमेरिकी हितों और बुनियादी ढांचे के खिलाफ जवाबी हमला कर सकता है।