Netanyahu ने flydubai हमले पर ईरान की भूमिका पर उठाए सवाल, भारतीय पायलट की बहादुरी को सराहा

Lov Singh1 October 20262 min read4 viewsEnglish
Netanyahu ने flydubai हमले पर ईरान की भूमिका पर उठाए सवाल, भारतीय पायलट की बहादुरी को सराहा

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दुबई से इजराइल जा रहे flydubai की उड़ान (FZ1073) पर हुए हमले के संबंध में महत्वपूर्ण बयान दिए हैं। इस हमले में एक भारतीय पायलट की वीरता और यात्रियों के साहस ने एक बड़ी तबाही को टाल दिया। नेतन्याहू ने इस घटना के पीछे ईरान के हाथ होने की संभावना की जांच करने की बात कही है, हालांकि उन्होंने कहा कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

ईरान की भूमिका की होगी गहन जांच

Fox News को दिए एक साक्षात्कार में, नेतन्याहू ने कहा, "यह कहना अभी बहुत जल्दी है कि क्या इस हमले में ईरान शामिल था। लेकिन यह कोई रहस्य नहीं है कि ईरान विदेश में इजरायली लोगों को निशाना बनाना चाहता है।" उन्होंने आगे कहा कि इजराइल के पास इस बात के सबूत हैं कि ईरान के प्रॉक्सी, जैसे कि हमास और हिजबुल्लाह, चुनावों से पहले हमले करने की कोशिश कर रहे हैं।

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नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि वे इस हमले की जड़ों तक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा, "हम इस हमलावर की जांच करेंगे कि क्या उसके कोई साथी थे, या क्या इसके पीछे ईरान था। मुझे लगता है कि हमें बहुत जल्द इसका पता चल जाएगा।" इस मामले में सऊदी अरब में भी जांच चल रही है और इजराइल भी इस जांच में शामिल हो सकता है।

कैप्टन स्मिथ मच्छ्छर की वीरता की मिसाल

इस भयानक घटना के दौरान भारतीय पायलट, कैप्टन स्मिथ मच्छ्छर (Captain Smit Machchhar) ने जो साहस दिखाया, उसकी नेतन्याहू ने जमकर प्रशंसा की। घटना के दौरान जब हमलावर पायलट ने दूसरे पायलट पर हमला किया, जिससे विमान अनियंत्रित होकर नीचे गिरने लगा, तब गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छ्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने का साहसी काम किया।

नेतन्याहू ने बताया, "कैप्टन मच्छ्छर ने अविश्वसनीय साहस दिखाया। वह बुरी तरह घायल थे और शायद अपनी जान की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, जिससे यात्रियों और चालक दल को हस्तक्षेप करने का मौका मिल सका।"

एक और नायक: यात्री यानिव हयून

इस संकट की घड़ी में इजरायली यात्री यानिव हयून ने भी वीरता की मिसाल पेश की। जब विमान अनियंत्रित हो रहा था, हयून ने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को काबू में किया और विमान को स्थिर करने में मदद की। नेतन्याहू ने हयून के साहस को '9/11 जैसी बड़ी आपदा' को रोकने वाला बताया।

नेतन्याहू ने हयून के बारे में कहा, "उन्होंने बहुत ही सूझबूझ और वीरता का परिचय दिया। उन्होंने एक ऐसी आपदा को रोका जो वैश्विक स्तर पर तबाही मचा सकती थी।"

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