नेतन्याहू ने पीएम मोदी और भारतीय पायलट को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने के लिए किया आमंत्रित

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दुनिया भर में भारत का मान बढ़ाने वाले एक खास वाकये के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट स्मित मच्छर को एक बेहद प्रतिष्ठित आमंत्रण दिया है। नेतन्याहू ने अगले साल आयोजित होने वाले इजराइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष रूप से मशाल जलाने के लिए इन दोनों हस्तियों को आमंत्रित किया है, जो देश के लिए एक बहुत बड़ा सम्मान माना जाता है।
बहादुरी के लिए मिला वैश्विक सम्मान
हाल ही में फोन पर हुई एक महत्वपूर्ण बातचीत के दौरान, इजराइल के प्रधानमंत्री ने पायलट स्मित मच्छर के अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा की जमकर तारीफ की। नेतन्याहू ने उन्हें न केवल भारत और इजराइल के साहसी लोगों का बल्कि पूरी दुनिया का एक सच्चा नायक करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस जिम्मेदारी और बहादुरी का परिचय इस भारतीय पायलट ने दिया है, वह वाकई प्रेरणादायक है।
बता दें कि इससे पहले दुबई के क्राउन प्रिंस हमदान बिन मोहम्मद ने भी अस्पताल जाकर भारतीय पायलट से मुलाकात की थी और उनके हौसले की सराहना की थी। विमानन क्षेत्र में दिखाए गए उनके इस पराक्रम ने हर किसी का दिल जीत लिया है।
क्या है इजराइल में मशाल जलाने की परंपरा?
इजराइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मशाल जलाना देश का सबसे बड़ा और विशेष सम्मान माना जाता है। इस पारंपरिक रस्म के लिए आमतौर पर उन प्रतिष्ठित लोगों का चयन किया जाता है, जिन्होंने राष्ट्र, समाज और मानवता के लिए अत्यंत उल्लेखनीय योगदान दिया हो।
हालांकि, प्रधानमंत्री नेतन्याहू की तरफ से मिला यह निमंत्रण अभी इस सम्मान के लिए अंतिम चयन की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं है। इजराइल में इस चयन के लिए एक तय लोकतांत्रिक प्रक्रिया है:
- सबसे पहले एक सार्वजनिक सलाहकार समिति योग्य नामों पर विचार करती है।
- इसके बाद निर्धारित मंत्रीस्तरीय प्रक्रिया के तहत नामों को अंतिम मंजूरी दी जाती है।
- इस पूरी चयन प्रक्रिया में इजराइल की परिवहन मंत्री मिरी रेगेव की भी बहुत अहम भूमिका रहती है।
भले ही यह अभी अंतिम चयन न हो, लेकिन नेतन्याहू द्वारा भारतीय प्रधानमंत्री और एक भारतीय पायलट को इस तरह याद किया जाना दोनों देशों के बीच मजबूत होते रिश्तों और आपसी सम्मान की एक बेहद खूबसूरत मिसाल पेश करता है।