इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने पीएम मोदी और जांबाज पायलट स्मित मछार को 2027 के स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए बुलाया
इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने पीएम मोदी और जांबाज पायलट स्मित मछार को 2027 के स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए आमंत्रित किया है।

यरूशलेम: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साल 2027 में इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान एक औपचारिक मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है। इस आमंत्रण में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को भी शामिल किया गया है, जिन्होंने हाल ही में दुबई से तेल अवीव की एक फ्लाइट में बड़े हादसे को टाला था।
यह निमंत्रण 22 अक्टूबर 2026 को दोनों नेताओं के बीच हुई फोन कॉल के बाद आया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस बातचीत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि उन्होंने और नेतन्याहू ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और क्षेत्रीय स्थिरता व शांति की जरूरत पर चर्चा की।
कैप्टन स्मित मछार को 30 सितंबर 2026 को हुई एक घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। वह फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 उड़ा रहे थे, जिसमें करीब 174 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान उनके ओमानी को-पायलट ने कॉकपिट के अंदर क्रैश एक्स (कुल्हाड़ी) से उन पर हमला कर दिया।
हमले में सिर पर गंभीर चोटें आने के बावजूद कैप्टन मछार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इससे क्रू मेंबर्स और यात्रियों, जिनमें ऑफ-ड्यूटी पायलट भी शामिल थे, ने हमलावर को काबू कर लिया। इसके बाद विमान को आपातकालीन लैंडिंग के लिए सऊदी अरब के तबुक ले जाया गया, जहां सभी लोग सुरक्षित बच गए।
संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने बाद में यह निष्कर्ष निकाला कि को-पायलट का इरादा आत्मघाती हमला करने का था। नेतन्याहू ने अक्टूबर की शुरुआत में ही पायलट को हीरो बताया था और हालिया कॉल के दौरान पीएम मोदी से अपील की कि वह इस बहादुर पायलट के साथ मशाल जलाएं।
पीएम मोदी ने नेतन्याहू का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि भारत और इजरायल जमीन और हवा दोनों जगह आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ रहे हैं। यह मशाल जलाने का कार्यक्रम हर साल यरूशलेम के माउंट हर्ज़ल पर होता है, जो मेमोरियल डे से स्वतंत्रता दिवस (योम हात्ज़माउत) के बीच एक प्रतीकात्मक बदलाव का संकेत है।
साल 2027 का यह कार्यक्रम 11 मई की शाम से 12 मई की रात तक चलेगा। रणनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह निमंत्रण खुफिया जानकारी, रक्षा और आतंकवाद विरोधी क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग को दर्शाता है। हालांकि, समारोह के प्रतिभागियों के चयन के लिए सरकार की एक मानक प्रक्रिया होती है, लेकिन इस सार्वजनिक निमंत्रण का बड़ा राजनयिक महत्व है।
किसी विदेशी सरकार के प्रमुख का इस विशिष्ट राष्ट्रीय समारोह में शामिल होना एक असामान्य और उल्लेखनीय घटना होगी। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कैप्टन मछार की सेहत कैसी है और वह यात्रा करने में सक्षम होंगे या नहीं। वहीं, यूएई में इस घटना की जांच अभी भी जारी है।