ईरान सरकार को हटाने के लिए बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायली सुरक्षा बलों को दिए निर्देश और ट्रंप से की चर्चा
इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान सरकार को हटाने के लिए सुरक्षा बलों को निर्देश दिए हैं। अमेरिका के साथ भी इस पर चर्चा हुई है।

तेल अवीव: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF), मोसाद और अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा शाखाओं को ईरान की सरकार को उखाड़ फेंकने को प्राथमिकता देने का औपचारिक निर्देश दिया है। 22 अक्टूबर 2026 को एक IDF अधिकारी स्नातक समारोह के दौरान नेतन्याहू ने कहा कि वर्तमान ईरानी शासन को हटाना ही उस अस्तित्वगत खतरे को स्थायी रूप से खत्म करने का एकमात्र तरीका है जो ईरान इजरायल के लिए पैदा कर रहा है।
नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई एक बार फिर 'मौत के बम' विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ईरान को 'जहरीले ऑक्टोपस के सिर' जैसा बताया और दावा किया कि इस शासन के गिरने से हिजबुल्लाह बिखर जाएगा और लेबनान के साथ शांति सुनिश्चित होगी।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने पुष्टि की कि उन्होंने ईरानी शासन को खत्म करने की जरूरत को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ कई बार चर्चा की है, जिसमें सबसे हालिया बातचीत 19 अक्टूबर 2026 को हुई। उन्होंने फरवरी 2025 की एक बातचीत का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने अमेरिकी प्रशासन को साफ कर दिया था कि इजरायल अमेरिकी अनुमति का इंतजार किए बिना ईरान के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
खबरों के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायली समर्थन के साथ इस काम को पूरा करने की तत्परता दिखाई है। हालांकि, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने स्पष्ट किया है कि 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले कोई सैन्य कार्रवाई नहीं होगी। केली ने यह भी कहा कि ईरान आर्थिक और सैन्य दोनों रूप से बहुत खराब स्थिति में है।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि दोनों देश 3 नवंबर के बाद संभावित सैन्य अभियानों की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें सेनाओं की आवाजाही और इराक के ऊपर सिमुलेशन ड्रिल शामिल हैं। संभावित लक्ष्यों में 'पिकएक्स माउंटेन' जैसे परमाणु केंद्र और मिसाइल व ड्रोन शस्त्रागार शामिल हैं। अधिकारी इस बात का आकलन कर रहे हैं कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल रोकने के लिए ईरान के तेल बुनियादी ढांचे को कैसे बचाया जाए।
ये घटनाक्रम अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की 20 अक्टूबर 2026 को इजरायल यात्रा के बाद आए हैं, जहां उन्होंने क्षेत्रीय खतरों पर समन्वय के लिए नेतन्याहू से मुलाकात की। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान अमेरिकी और इजरायली हमलों सहित किसी भी स्थिति के लिए तैयार है।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने क्षेत्रीय विवादों पर बातचीत की इच्छा जताई है, लेकिन अमेरिका के प्रति गहरे अविश्वास का हवाला देते हुए किसी भी थोपी गई शर्तों को खारिज कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेतन्याहू का यह आक्रामक रुख 27 अक्टूबर को होने वाले इजरायल चुनाव से पहले एक रणनीतिक कदम हो सकता है। विशेषज्ञों ने यह भी संकेत दिया है कि जहां नेतन्याहू पूर्ण शासन परिवर्तन चाहते हैं, वहीं राष्ट्रपति ट्रंप शायद मौजूदा नेतृत्व के साथ किसी समझौते की तलाश में हों।