फ्लाईदुबई हमले में साहस दिखाने वाले यात्रियों को नेतन्याहू ने बताया ‘हीरो’

आसमान में उड़ते हुए जब अचानक संकट के बादल मंडराए, तो कुछ लोगों ने घबराने के बजाय अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की रक्षा करने का बीड़ा उठाया। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में फ्लाईदुबई (Flydubai) विमान में हुई एक खतरनाक घटना के दौरान अद्भुत जांबाजई दिखाने वाले चार इजराइली नागरिकों को सम्मानित किया है। उन्होंने इन जांबाजों को देश का असली 'हीरो' करार दिया है।
मुलाकात के दौरान सुनी पूरी दास्तान
प्रधानमंत्री कार्यालय में आयोजित एक विशेष बैठक में नेतन्याहू ने उन चार यात्रियों से मुलाकात की, जिन्होंने संकट के उस पल में सूझबूझ और असाधारण साहस का परिचय दिया था। इन यात्रियों में यानिव हयून, ओर पार्डिलोव, शोता मुसायेव और उनकी पत्नी सिगालित शामिल थीं। मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने इन सभी से घटना की पूरी जानकारी ली और जिस तरह से उन्होंने उस मुश्किल घड़ी का सामना किया, उसकी खुलकर सराहना की।
एक बड़े हादसे को टालने में निभाई अहम भूमिका
नेतन्याहू ने कहा कि इन यात्रियों की त्वरित सोच और दृढ़ संकल्प के कारण ही एक बहुत बड़ा विमान हादसा टल सका और कई निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सकी। संकट के समय उन्होंने जिस तरह का संयम और बहादुरी दिखाई, वह वाकई मिसाल कायम करने वाली है।
मशाल जलाने के सम्मान की सिफारिश
प्रधानमंत्री ने इन चारों यात्रियों के सम्मान में एक बड़ी घोषणा करते हुए सुझाव दिया कि इन्हें अगले साल इजराइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में नागरिक वीरता के प्रतीक के रूप में मशाल जलाने का अवसर दिया जाना चाहिए। हालांकि, यह अभी एक प्रस्ताव है क्योंकि इजराइल में स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने वालों का चयन एक तय सरकारी और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किया जाता है। इसके लिए एक सार्वजनिक समिति नामों का चयन करती है और अंत में ministerial (मंत्रीस्तरीय) मंजूरी मिलती है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह तय होगा कि इन्हें यह खास मौका मिलेगा या नहीं, लेकिन प्रधानमंत्री की इस सराहना ने इन यात्रियों का मान जरूर बढ़ा दिया है।