flydubai हमले में भारतीय पायलट की बहादुरी देख पिघला इजरायल, नेतन्याहू ने कहा- 'अविश्वसनीय साहस'

Gautam Sahu1 October 20262 min read0 viewsWorld
flydubai हमले में भारतीय पायलट की बहादुरी देख पिघला इजरायल, नेतन्याहू ने कहा- 'अविश्वसनीय साहस'

दुबई से इजरायल जा रहे flydubai के विमान में हुए एक खौफनाक हमले के दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छछर (Captain Smit Machchhar) ने जो वीरता दिखाई, उसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना के बाद कैप्टन मच्छछर के "अविश्वसनीय साहस" की जमकर सराहना की है। नेतन्याहू का कहना है कि यदि पायलट और यात्रियों ने तत्परता न दिखाई होती, तो यह घटना "9/11 जैसी बड़ी वैश्विक त्रासदी" बन सकती थी।

मौत के मुंह से विमान को कैसे निकाला?

Fox News को दिए एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना का पूरा विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि विमान में एक पायलट ने दूसरे पायलट पर कुल्हाड़ी या चाकू से हमला कर दिया था। इस हमले में कैप्टन स्मित मच्छछर गंभीर रूप से घायल हो गए और अत्यधिक खून बहने के कारण उनकी स्थिति बेहद नाजुक हो गई।

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विमान अनियंत्रित होकर नीचे की ओर गिरने लगा (nosedive), लेकिन घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छछर ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की ताकि अन्य यात्री और क्रू मेंबर्स हमलावर को रोक सकें। नेतन्याहू ने कहा, "वह बुरी तरह घायल थे और शायद अपनी जीवन की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा अनलॉक कर दिया।"

यात्रियों की बहादुरी ने टाला बड़ा हादसा

नेतन्याहू ने बताया कि जैसे ही विमान स्थिर हुआ, एक इजरायली यात्री यानिव हयून (Yaniv Hayoun) कॉकपिट की ओर दौड़े। हयून ने देखा कि हमलावर पायलट विमान के उपकरणों (instruments) के साथ छेड़छाड़ कर रहा था। हयून ने पीछे से हमलावर को पकड़ा और पायलट की सीट पर नियंत्रण पाकर विमान को संभालने की कोशिश की। अन्य यात्रियों और रिजर्व क्रू के सहयोग से अंततः विमान को सुरक्षित स्थिति में लाया जा सका।

हयून के बारे में नेतन्याहू ने एक दिलचस्प बात साझा की। जब उन्होंने हयून से पूछा कि उन्होंने इतना बड़ा जोखिम कैसे लिया, तो हयून ने बताया कि वह पेशे से एक प्लंबर हैं। नेतन्याहू ने मजाक में कहा, "उन्होंने इस बार एक बहुत बड़ा संकट सुलझा दिया है।"

नेतन्याहू को याद आया अपने भाई का बलिदान

यह घटना बेंजामिन नेतन्याहू के लिए केवल एक समाचार नहीं थी, बल्कि बहुत व्यक्तिगत भी थी। उन्होंने इस दौरान 1976 के प्रसिद्ध 'एंटेबे बचाव अभियान' (Entebbe rescue operation) का जिक्र किया, जिसमें उनके बड़े भाई लेफ्टिनेंट कर्नल योनातन "योनी" नेतन्याहू शहीद हो गए थे।

नेतन्याहू ने बताया कि आतंकवाद और विमान अपहरण के खिलाफ उनकी लड़ाई व्यक्तिगत रही है। उन्होंने याद किया कि कैसे वह खुद एक पुराने विमान अपहरण मामले के दौरान घायल हुए थे। उन्होंने कहा कि कैप्टन मच्छछर और यात्रियों के इस सामूहिक साहस ने न केवल 174 यात्रियों की जान बचाई, बल्कि एक संभावित वैश्विक आपदा को भी टाल दिया।

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