चुनाव से पहले ईरान पर हमला करने की कोशिश कर रहे थे नेतन्याहू लेकिन ट्रंप ने रोका
इजरायली पीएम नेतन्याहू ने चुनाव से पहले ईरान पर हमले की पैरवी की, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने इसे रोक दिया।

तेल अवीव: इजरायल में 27 अक्टूबर 2026 को होने वाले नेसेट चुनावों से पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर सैन्य हमले के लिए जोरदार कोशिश की। अधिकारियों के मुताबिक नेतन्याहू चाहते थे कि 10 अक्टूबर के आसपास यह हमला किया जाए, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस योजना को खारिज कर दिया।
इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री और आईडीएफ चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर के बीच तीखी बहस भी हुई। पिछले हफ्ते हुई एक निजी बैठक में जनरल ज़मीर ने साफ किया कि चुनाव से पहले ईरान के खिलाफ किसी सैन्य कार्रवाई की कोई ऑपरेशनल जरूरत नहीं है।
दूसरी तरफ 25 अक्टूबर को नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि ईरान और उसके समर्थक समूह 27 अक्टूबर के चुनावों में बाधा डालने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल के पास इस तरह के खतरों की खुफिया जानकारी है और वह इसका करारा जवाब देगा।
चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के साथ संघर्ष की शुरुआत ईरान ने की थी। इसी बीच क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए 26 अक्टूबर को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के वरिष्ठ अधिकारी तेहरान में जुटे।
ओमान के शीर्ष राजनयिक बद्र अलबुसैदी ने ईरान को शामिल करते हुए एक नए खाड़ी सुरक्षा ढांचे और आठ क्षेत्रीय देशों के बीच अनाक्रमण समझौते का सुझाव दिया है।
क्षेत्र में हालात अब भी तनावपूर्ण हैं। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि उन्होंने यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब की ओर दागे गए कई ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया है।