UAE में हुई इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की गुप्त बैठक, जानिए क्या हुई बात

इस्राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने रविवार को अचानक अबू धाबी का एक गुप्त दौरा किया और यूएई के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan के साथ बंद कमरे में कई घंटे तक अहम बातचीत की। इस गुप्त मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों से निपटने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान आम लोगों और वहां रहने वाले प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर भी समीक्षा की गई।
अबू धाबी में हुई गुप्त बैठक की मुख्य बातें
रविवार को दोपहर के समय Benjamin Netanyahu बेन गुरियन एयरपोर्ट से एक प्राइवेट जेट के जरिए रवाना हुए और स्थानीय समयानुसार दोपहर 3:10 बजे अबू धाबी पहुंचे। जमीन पर करीब चार से छह घंटे बिताने के बाद वह उसी शाम को उसी विमान से वापस लौट आए, जिसका इस्तेमाल मौजूदा ईरान-अमेरिका संघर्ष के दौरान पहले भी एक गुप्त यात्रा के लिए किया गया था। इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात का मुख्य एजेंडा साल 2026 के दौरान यूएई, बहरीन, कतर, सऊदी अरब, ओमान और कुवैत को प्रभावित करने वाले ईरानी मिसाइल और ड्रोन अभियानों का मिलकर जवाब देना था।
मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक दबाव
सुरक्षा मामलों के अलावा इस्राइली प्रधानमंत्री ने कथित तौर पर Sheikh Mohamed से अनुरोध किया कि वे Haaretz और The New York Times की उन रिपोर्ट्स का सार्वजनिक रूप से खंडन करें, जिनमें दावा किया गया था कि 7 अक्टूबर 2023 के नरसंहार से कुछ दिन पहले यूएई के नेता ने संभावित हमास हमले को लेकर चेतावनी दी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार यह चेतावनी इस्राइल के सैन्य या खुफिया नेतृत्व तक नहीं पहुंच पाई थी। इस बीच इस्राइल की सरकार या यूएई के विदेश मंत्रालय की तरफ से इस बैठक को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यूएई की नीति के अनुसार उच्च स्तरीय बातचीत पर कोई टिप्पणी नहीं की जाती है और खुफिया जानकारी केवल तयशुदा माध्यमों से ही साझा की जाती है। यह शिखर सम्मेलन आगामी 27 अक्टूबर को होने वाले इस्राइल चुनावों से ठीक पहले राजनीतिक दबाव के बीच हुआ है, जहां नेतन्याहू की Likud पार्टी अभी पिछड़ रही है।
क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और बाजार पर असर
क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर इस संघर्ष का बुरा असर अभी भी जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान की सात दिवसीय होर्मुज रीओपनिंग योजना को खारिज करने के बाद सऊदी और कतर के सूचकांकों समेत गल्फ बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले जहाजों के आवागमन पर लगातार रोक लगी हुई है और यमन में हूती गतिविधियों के कारण लाल सागर के रास्ते भी खतरे में बने हुए हैं। इसी कड़ी में कूटनीतिक गतिविधियों के तहत सऊदी के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने सोमवार को वाशिंगटन का दौरा किया, जहां उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के साथ क्षेत्रीय पाइपलाइन व्यवधान और तेल परिवहन सुरक्षा को लेकर चर्चा की। इस बैठक से यह साबित होता है कि क्षेत्रीय संघर्ष के बावजूद Abraham Accords के तहत स्थापित सुरक्षा चैनल अभी भी पूरी तरह से काम कर रहे हैं। हालांकि यह इस युद्ध के दौरान Benjamin Netanyahu और Sheikh Mohamed के बीच कम से कम दूसरी गुप्त मुलाकात है, लेकिन रविवार की इस बैठक की कोई भी आधिकारिक तस्वीर जारी नहीं की गई है।