यायर गोलन का नेतन्याहू पर हमला: अमेरिकी चुनाव के बाद इजरायल के अलग-थलग होने का खतरा

इजरायली नेता यायर गोलन ने कहा कि पीएम नेतन्याहू की वजह से इजरायल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ सकता है और अमेरिका से टकराव संभव है।

Gautam Sahu4 November 20262 min read0 viewsWorld
यायर गोलन का नेतन्याहू पर हमला: अमेरिकी चुनाव के बाद इजरायल के अलग-थलग होने का खतरा

यरूशलेम (इजरायल): अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों के बाद इजरायल के विपक्षी नेता यायर गोलन ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर तीखा हमला बोला है। गोलन ने चेतावनी दी है कि नेतन्याहू का नेतृत्व इजरायल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग कर सकता है और इससे अमेरिका के साथ गंभीर राजनयिक टकराव पैदा होने का खतरा है।

सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए गोलन ने कहा कि अमेरिकी चुनाव के नतीजे यह दिखाते हैं कि नेतन्याहू डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन दोनों के बीच कितने 'टॉक्सिक' (विषाक्त) हो चुके हैं। उन्होंने तर्क दिया कि वाशिंगटन की सत्ता में आए बदलाव से यह साफ हो गया है कि दोनों दलों में उनके प्रति गहरा अलगाव है।

विपक्षी नेता ने आगाह किया कि यदि नेतन्याहू और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गविर के नेतृत्व वाली सरकार बनी रहती है, तो देश एक खतरनाक रास्ते पर जा सकता है। गोलन के मुताबिक, यह स्थिति इजरायल को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, वैश्विक अलगाव और उसके सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी अमेरिका के साथ टकराव की ओर ले जा सकती है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

देश की रणनीतिक स्थिति और दीर्घकालिक सुरक्षा को बचाने के लिए गोलन ने राजनीतिक बदलाव की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इजरायल को ऐसी सरकार की आवश्यकता है जो दुनिया में उसकी साख को बहाल करे, दीर्घकालिक राजनीतिक-रणनीतिक व्यवस्थाओं को बढ़ावा दे और सुरक्षा सुनिश्चित करे।

गोलन ने दो अलग-अलग भविष्य की तुलना करते हुए कहा कि अब चुनाव नेतन्याहू के 'सुपर स्पार्टा' वाले इजरायल और एक मजबूत, उन्नत, स्वतंत्र व सुरक्षित इजरायल के बीच है। उन्होंने दावा किया कि नेतन्याहू चुनाव हार चुके हैं और वे इजरायल के लिए खतरनाक हैं, इसलिए अब बिना समय बर्बाद किए बदलाव की सरकार बनानी चाहिए।

दूसरी ओर, ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ ने भी इन नतीजों पर अपनी राय दी। उन्होंने एक्स (X) पर लिखा कि अमेरिकी जनता ने युद्ध को 'ना' कहा है। गालिबफ ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सरकार अंतरराष्ट्रीय भुगतान करने वालों और ब्लैकमेलर्स की सेवा के लिए अपनी जनता की इच्छा के साथ विश्वासघात करती है, तो उसे इसका बुरा परिणाम भुगतना होगा।

यह घटनाक्रम 3 नवंबर को हुए अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद सामने आया है। नतीजों के संकेत बताते हैं कि डेमोक्रेट्स सीनेट पर कब्जा करने और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कई सीटों पर बढ़त बनाने के साथ अमेरिकी कांग्रेस का नियंत्रण अपने हाथ में लेने वाले हैं।

Share:

Comments

Leave a comment