गाजा पर इसराइल का बड़ा ऐलान, बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा- हम पीछे नहीं हटेंगे और सेना का दायरा बढ़ाएंगे

इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है, जिससे साफ हो गया है कि इसराइल अभी वहां से अपनी सेना को बिल्कुल भी वापस नहीं बुलाएगा। 2 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने 'येलो लाइन' के पास इसराइली सेना की एक पोस्ट का दौरा किया और साफ शब्दों में कहा कि इसराइल उन सभी इलाकों से अपनी सेना नहीं हटाएगा जो इस समय उनके नियंत्रण में हैं। इस दौरे के दौरान उनके साथ सेना के कई बड़े अधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने वहां की स्थिति का जायजा लिया और आगे की रणनीतियों पर चर्चा की।
सेना का दायरा बढ़ाने का आदेश
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने जानकारी दी कि इस समय इसराइली सेना का कब्जा गाजा पट्टी के 60 प्रतिशत हिस्से पर है। इतना ही नहीं, सरकार की तरफ से सेना को इसे बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक करने का निर्देश मिल चुका है। यह कदम अक्टूबर 2025 में अमेरिका के समर्थन से हुए उस समझौते के दायरे से बाहर है, जिसमें सेना के पीछे हटने की बात कही गई थी। नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि जब तक हमास का पूरी तरह से खात्मा और उसका हथियार डालना सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक इसराइली सैनिक गाजा में ही रहेंगे। हालांकि उन्होंने माना कि इस लक्ष्य को पाने में काफी हद तक सफलता मिल चुकी है, लेकिन अभी कुछ काम और बाकी है।
फिलीस्तीनी आबादी को हटाने की योजना
रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने भी इसी दिन एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि इसराइल ने गाजा से फिलीस्तीनी आबादी को हटाने के लिए एक योजना तैयार कर ली है। उनका कहना था कि इस समस्या का कोई दूसरा स्थायी समाधान तब तक नहीं निकल सकता जब तक यह पलायन न हो। उन्होंने बताया कि गाजा का 70 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह तबाह हो चुका है और वह इसराइली सेना के कब्जे में है, बस अब इस पर अमेरिकी मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। इसी बीच, इसराइली अधिकारियों ने हमास के आंतरिक सुरक्षा प्रमुख मुइन अल-अराबिद को भी पकड़ने में सफलता हासिल की है, जिन पर बंधकों को लाने-ले जाने और हमास की ताकतों को फिर से खड़ा करने की कोशिश करने का आरोप है।
युद्धविराम को लेकर लगातार बढ़ रहा तनाव
इन तमाम घटनाओं के बाद से इलाके में तनाव और अधिक बढ़ गया है। 1 सितंबर 2026 को हमास ने मध्यस्थता करने वाले देशों से संपर्क किया और युद्धविराम के नियमों के लगातार उल्लंघन को रोकने की गुहार लगाई। उसी दिन गाजा सिटी में इसराइली विशेष बलों के ऑपरेशन के दौरान हुई झड़पों और हवाई हमलों में चार फलस्तीनियों की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य हमले में हमास के एक वरिष्ठ कमांडर को निशाना बनाया गया था। हमास लगातार अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील कर रहा है कि वे इस मामले में दखल दें ताकि पुराने समझौते को ठीक से लागू कराया जा सके।