इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू का बड़ा ऐलान, कहा मध्य पूर्व का नक्शा बदल देंगे.

Aanya18 September 20262 min read31 viewsWorld
इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू का बड़ा ऐलान, कहा मध्य पूर्व का नक्शा बदल देंगे.

इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने आगामी चुनावों को लेकर अपनी पार्टी लिकुड का चुनाव अभियान शुरू कर दिया है। इस दौरान उन्होंने मध्य पूर्व की राजनीति को लेकर एक बड़ा बयान दिया और कहा कि वह क्षेत्र की सूरत पूरी तरह से बदल देंगे। सरकारी संचार माध्यमों के अनुसार यह चुनावी कार्यक्रम 18 सितंबर 2026 को आयोजित किया गया था, जिसमें आगामी 27 अक्टूबर 2026 को होने वाले 26वें नेसेट के विधायी चुनावों के लिए प्रचार की शुरुआत हुई।

चुनावी माहौल और राजनीतिक समीकरण

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपने भाषण के दौरान इस बात पर जोर दिया कि उनकी पार्टी ही देश की सुरक्षा की एकमात्र गारंटी है। उन्होंने ईरानी शासन के पतन और हिजबुल्लाह तथा हमास के पूरी तरह खात्मे की बात दोहराई। आधिकारिक जानकारी के अनुसार 25वीं नेसेट को 17 जुलाई 2026 को भंग कर दिया गया था। इसके बाद लिकुड पार्टी ने 17 अगस्त 2026 को अपने आंतरिक प्राथमिक चुनाव संपन्न कराए थे और 7 सितंबर से 8 सितंबर के बीच केंद्रीय चुनाव समिति को अपनी अंतिम उम्मीदवारों की सूची सौंपी थी। इस चुनाव में कई नए राजनीतिक दल भी मैदान में उतरे हैं, जिनमें पूर्व आईडीएफ ब्रिगेडियर जनरल ओफर विंटर का "Amcha Yisrael" दल और नफ्ताली बेनेट तथा यायर लापिड द्वारा बनाया गया "Beyachad" दल शामिल है। आधिकारिक तौर पर चुनाव प्रचार का प्रसारण 13 अक्टूबर 2026 से शुरू होना है।

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सैन्य संघर्ष और क्षेत्रीय नीतियां

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने साल 2023 से ईरान, लेबनान, सीरिया और गाजा पट्टी में चल रहे सैन्य अभियानों का जिक्र किया। उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के हमले के बाद फिलिस्तीनी राज्य के विचार को सिरे से खारिज कर दिया और इसे आतंकवाद का इनाम बताया। इसके साथ ही उन्होंने राजनीतिक विरोधियों पर भी निशाना साधा और कहा कि विरोधी क्षेत्रीय रियायतें देने के लिए तैयार हैं, जबकि इसराइल जमीन देने के बजाय जमीन लेने में विश्वास रखता है। इस पूरी चुनावी प्रक्रिया और सरकारी घोषणाओं की अधिक जानकारी आधिकारिक वेबसाइट gov.il पर उपलब्ध कराई गई है।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और अमेरिकी रुख

इस चुनावी सरगर्मी के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने 18 सितंबर 2026 को यह स्पष्ट किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump जब भी अमेरिकी हितों के लिए जरूरी समझेंगे, तब नेतन्याहू की नीतियों से अलग रुख अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे। यह स्थिति विशेष रूप से गाजा को लेकर चल रही अमेरिकी पहलों और ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस से जुड़ी हुई है, जिस पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं।

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