इजरायली चुनाव में ईरान और उसके समर्थक दखल दे सकते हैं, पीएम नेतन्याहू ने दी चेतावनी

पीएम नेतन्याहू ने चेतावनी दी है कि ईरान और उसके समर्थक इजरायल के आगामी संसदीय चुनावों में बाधा डालने की कोशिश कर सकते हैं।

Gautam Sahu25 October 20262 min read0 viewsWorld
इजरायली चुनाव में ईरान और उसके समर्थक दखल दे सकते हैं, पीएम नेतन्याहू ने दी चेतावनी

यरूशलेम: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी है कि ईरान और उसके क्षेत्रीय समर्थक देश में होने वाले आगामी संसदीय चुनावों में बाधा डालने की कोशिश कर सकते हैं। 27 अक्टूबर को होने वाले इन चुनावों से पहले नेतन्याहू ने खुफिया जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि दुश्मन लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के लिए हमले कर सकते हैं।

एक एरो एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल बैटरी से बात करते हुए नेतन्याहू ने विरोधियों को सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) रक्षात्मक और आक्रामक दोनों तरह के ऑपरेशनों के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने साफ किया कि किसी भी तरह के हस्तक्षेप का जवाब बहुत कड़े प्रहारों से दिया जाएगा।

फिलहाल इजरायल में 'विशेष होम फ्रंट स्थिति' लागू है। इस कानूनी प्रावधान के तहत चुनावों के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 26वें केनेसट के लिए होने वाले इन चुनावों को लेकर सेंट्रल इलेक्शन कमेटी और IDF चीफ ऑफ स्टाफ सुरक्षा खतरों, जैसे मिसाइल या आतंकी हमलों से निपटने की तैयारी कर रहे हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

आपातकालीन प्रावधानों के तहत चुनाव समिति के अध्यक्ष के पास पोलिंग स्टेशनों के लिए नागरिक सुरक्षा निर्देश जारी करने का अधिकार है। अगर जरूरत पड़ी, तो मतदान के समय को 24 घंटे तक बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, चुनाव स्थगित करने के लिए 120 सीटों वाले केनेसट के कम से कम 80 सदस्यों का समर्थन जरूरी होगा।

नेतन्याहू ने दावा किया है कि अमेरिका के साथ मिलकर ईरान और उसके समर्थकों के खिलाफ 90 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। उन्होंने ईरान के नेतृत्व को हटाने का लक्ष्य भी रखा है। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने बताया कि अमेरिका के साथ बातचीत जारी है और तेहरान कूटनीति के लिए तैयार है।

वहीं, IDF चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल ईयाल ज़मीर ने पिछले हफ्ते एक निजी बैठक में संकेत दिया था कि चुनाव से पहले ईरान पर हमला करने की कोई परिचालन आवश्यकता नहीं है। राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख ने भी मतदान प्रक्रिया की अखंडता बनाए रखने का वादा किया है।

Share:

Comments

Leave a comment