असम और मेघालय के जंगलों में मिला छह फीट तक लंबा नया पौधा, नाम डिस्पोरम कामाखासिएन्स
वैज्ञानिकों ने पूर्वोत्तर भारत के जंगलों में Disporum kamakhasiense नामक पौधे की नई प्रजाति खोजी है, जो अपनी लंबाई के लिए खास है।

गुवाहाटी: पूर्वोत्तर भारत के अर्ध-सदाबहार जंगलों में शोधकर्ताओं ने पौधे की एक नई प्रजाति की खोज की है। इस नई प्रजाति को 'डिस्पोरम कामाखासिएन्स' (Disporum kamakhasiense) नाम दिया गया है।
यह खोज जून और जुलाई 2025 के दौरान किए गए फील्ड एक्सप्लोरेशन का परिणाम है। इस खोज की जानकारी बॉटनिकल जर्नल 'नोवोन' (Novon) में 'ए न्यू लोलैंड स्पीशीज ऑफ डिस्पोरम (कोल्चिकासी) फ्रॉम नॉर्थईस्ट इंडिया' शीर्षक से प्रकाशित की गई है।
यह पौधा 200 से 1,100 मीटर की ऊंचाई पर बांस के झुरमुटों के नीचे चट्टानों पर उगता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी लंबाई है, जो लगभग छह फीट (120-180 सेमी) तक पहुंच जाती है। यह अपनी करीबी प्रजाति 'डिस्पोरम कैल्केरेटम' से काफी लंबा है, जिसकी लंबाई आमतौर पर 20 से 100 सेमी के बीच होती है।
पौधे की बनावट की बात करें तो इसमें चमकदार गहरे हरे रंग की पत्तियां होती हैं, जिनमें सात समानांतर नसें साफ नजर आती हैं। इसके फूल सफेद, नाजुक और तारे के आकार के होते हैं, जिनमें सीधे स्पर्स (spurs) होते हैं।
शोधकर्ताओं ने इस पौधे को तीन अलग-अलग जगहों पर पाया है। इनमें असम के कामरूप जिले का गरभंगा रिजर्व फॉरेस्ट, असम का ही डिमा हसाओ जिला स्थित लाइसोंग और मेघालय का बारापानी क्षेत्र शामिल है।
इस प्रजाति का नाम 'डिस्पोरम कामाखासिएन्स' इसके खोज क्षेत्र के आधार पर रखा गया है। यह नाम असम के प्राचीन नाम 'कामरुप' और मेघालय की 'खासी पहाड़ियों' से मिलकर बना है।
इस शोध में गुवाहाटी स्थित सेंट्रल आयुर्वेदा रिसर्च इंस्टीट्यूट के दीक्षित बोरा, बिस्वजीत पॉल और देवानजल बोरा के साथ नगाँव के कालीबोर कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग के दीपांकर बोराह और अमेरिका के मिसौरी बॉटनिकल गार्डन हर्बेरियम के आरोन फ्लोडेन ने मिलकर काम किया। टीम ने हर्बेरियम नमूनों के तुलनात्मक विश्लेषण के बाद इसकी पुष्टि एक नई प्रजाति के रूप में की है।