नाइजीरिया में आतंकवाद के खिलाफ बड़ा कदम, बोको हराम से निपटने के लिए नियुक्त हुआ नया सैन्य कमांडर

नाइजीरिया की सेना ने देश के पूर्वोत्तर हिस्से में सक्रिय खतरनाक आतंकी संगठनों बोको हराम और आईएसडब्ल्यूएपी के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियानों को और अधिक धार देने के लिए एक बड़ा और अहम बदलाव किया है। नाइजीरियाई सरकार और सेना मुख्यालय की तरफ से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार अब देश के पूर्वोत्तर में चल रहे इस बड़े सैन्य अभियान की कमान एक नए चेहरे को सौंप दी गई है जो आने वाले समय में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का काम करेगा। इस अहम बदलाव के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां और ज्यादा तेज हो गई हैं ताकि आतंकवादियों के नेटवर्क को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके और आम जनता की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।
ऑपरेशन हदीन काई की कमान में बड़ा बदलाव
सेना की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक बयानों के मुताबिक, मेजर जनरल इबिकुनले अदेमोला अजोस को अब महत्वपूर्ण सैन्य अभियान ऑपरेशन हदीन काई की कमान सौंपी गई है। उन्होंने इस पद पर पहले से तैनात मेजर जनरल अब्दुलसलाम अबुबकर का स्थान लिया है। नए कमांडर अजोस इससे पहले राजधानी अबुजा स्थित मुख्य सेना मुख्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे थे और प्रशासनिक तथा रणनीतिक मामलों में उनका अच्छा खासा अनुभव रहा है। वहीं, उनके पूर्ववर्ती अबुबकर ने इसी साल अप्रैल 2025 में इस ऑपरेशन के 15वें कमांडर के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाली थी। दो साल से भी कम समय के भीतर कमान में हुए इस बदलाव को काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि देश के सामने इस समय कई बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और आगामी राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां
नाइजीरिया में यह बड़ा सैन्य फेरबदल ऐसे संवेदनशील समय में किया गया है जब देश में अगले साल यानी जनवरी के महीने में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं। ऐसे समय में देश की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को बनाए रखना सरकार और सेना दोनों के लिए ही एक बहुत बड़ी चुनौती बना हुआ है। बोको हराम और उसके विरोधी गुट इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस यानी आईएसडब्ल्यूएपी का खूनी विद्रोह साल 2009 से लगातार जारी है जिसने देश के एक बड़े हिस्से को बुरी तरह से प्रभावित किया है। अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार, इस लंबी और भयानक हिंसा की चपेट में आकर अब तक 40 हजार से अधिक बेकसूर लोगों की जान जा चुकी है और देश के भीतर लाखों लोग अपने ही घरों से बेघर होकर विस्थापित जीवन जीने को मजबूर हो गए हैं।
सेना ने दी फेरबदल पर आधिकारिक सफाई
सेना की आधिकारिक प्रवक्ता अपोलोनिया एनेले ने स्पष्ट करते हुए मीडिया को बताया है कि कमांडर पद पर यह बदलाव हालिया समय में हुए किसी विशेष आतंकी हमले की वजह से नहीं किया गया है। सेना के अनुसार यह निर्णय किसी आपातकालीन प्रतिक्रिया का हिस्सा नहीं है बल्कि यह कुल 15 अन्य जनरलों को शामिल करते हुए किए गए एक बहुत बड़े और व्यापक सैन्य फेरबदल का एक हिस्सा मात्र है। इस पूरी प्रशासनिक कवायद का मुख्य उद्देश्य देश भर में चल रहे सैन्य अभियानों की प्रभावशीलता में सुधार करना, जमीनी स्तर पर नेतृत्व को और अधिक मजबूत करना तथा बदलती हुई सुरक्षा चुनौतियों के हिसाब से अपनी कमान व्यवस्था को पूरी तरह से तैयार रखना है ताकि आतंकवाद का डटकर मुकाबला किया जा सके।