निर्मला सीतारमण ने सिंगापुर के राष्ट्रपति और पीएम से की मुलाकात, निवेश पर हुई चर्चा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपनी सिंगापुर यात्रा के दौरान देश के आर्थिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय नजर आईं। उन्होंने सिंगापुर के राष्ट्रपति थारमन शनमुगानाथन और प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत और सिंगापुर के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना, वैश्विक आर्थिक बदलावों को समझना और निवेश के नए अवसरों को तलाशना था।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार को निर्मला सीतारमण ने 'द इस्ताना' में राष्ट्रपति थारमन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और सिंगापुर के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को और अधिक प्रभावी बनाने और आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के तरीकों पर विचार साझा किए।
ऊर्जा संकट और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंथन
सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने वित्त मंत्री का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि उनकी बातचीत काफी सकारात्मक रही। पीएम वोंग ने बताया कि चर्चा के दौरान वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों और वर्तमान ऊर्जा संकट से निपटने के तरीकों पर विस्तार से बात हुई। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि निर्मला सीतारमण ने भारत में हो रहे नए विकास कार्यों और निवेश के बेहतरीन अवसरों के बारे में अपडेट साझा किए हैं।
इस बीच, सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन ने भी सीतारमण की यात्रा का स्वागत किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की दीर्घकालिक विकास क्षमताएं सिंगापुर की कंपनियों के लिए निवेश के बड़े दरवाजे खोलती हैं और वहां काम करने के कई शानदार मौके मौजूद हैं।
भारत और सिंगापुर के बीच पहले से ही एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी है, जो दोनों देशों को आपसी हितों के क्षेत्रों में मिलकर काम करने का ढांचा प्रदान करती है। इस यात्रा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दोनों देश वैश्विक चुनौतियों, विशेषकर ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता के बीच एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।