स्थिर यमन के बिना क्षेत्रीय सुरक्षा संभव नहीं: विदेश मंत्री अफ़राह अल-ज़ौबा
यमन की विदेश मंत्री अफ़राह अल-ज़ौबा ने मनामा डायलॉग में कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए यमन में राज्य का अधिकार बहाल होना जरूरी है।

मनामा (बहरीन): यमन की विदेश मंत्री अफ़राह अल-ज़ौबा ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्रीय स्थिरता पूरी तरह से यमन में राज्य के अधिकार की बहाली पर निर्भर है। बहरीन में आयोजित 'मनामा डायलॉग' के दौरान "क्षेत्रीय सुरक्षा की नींव" सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एक स्थिर यमन के बिना स्थायी क्षेत्रीय सुरक्षा हासिल नहीं की जा सकती।
अल-ज़ौबा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यमन के राज्य संस्थानों की बहाली एक साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यमन तभी स्थिर हो सकता है जब पूरे क्षेत्र पर राज्य का अधिकार हो और युद्ध या शांति का निर्णय लेने का हक केवल वैध संस्थानों के पास हो।
ताइज़ की घेराबंदी का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री ने इसे 'युद्ध अपराध' करार दिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस घेराबंदी को खत्म करने और सड़कों को स्थायी व सुरक्षित रूप से फिर से खोलने के लिए सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
समुद्री सुरक्षा पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य और अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन की सुरक्षा के लिए खतरे की जड़ पर प्रहार करना होगा। उन्होंने हथियारों के प्रतिबंध को लागू करने और आतंकवादी हूती मिलिशिया को ईरान की ओर से मिल रहे समर्थन को खत्म करने की आवश्यकता बताई।
अल-ज़ौबा के मुताबिक, जब यमनी अपने राज्य को बहाल करेंगे, तो वे वास्तव में अपने पड़ोसियों और दुनिया के व्यापारिक मार्गों की रक्षा कर रहे होंगे। उन्होंने इस आयोजन के लिए बहरीन के आतिथ्य और अन्य देशों के साथ हुई सार्थक चर्चाओं के लिए आभार व्यक्त किया।
दूसरी ओर, अल जजीरा ने हूती समर्थित अल मसिराह टीवी के हवाले से खबर दी है कि सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने पश्चिमी होदेइदा प्रांत के बाजिल जिले में एक तेल सुविधा पर दो छापे मारे। रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में कम से कम तीन नागरिक घायल हुए हैं, हालांकि सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर से इस पर कोई तत्काल टिप्पणी नहीं आई है।
यमन में सितंबर के बाद से युद्ध तेज हो गया है, जब ईरान समर्थित हूतियों ने लाल सागर तट के रणनीतिक इलाकों पर कब्जा कर लिया था। इसके जवाब में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के साथ जुड़े बलों ने जवाबी कार्रवाई शुरू की है, जिसमें सऊदी अरब सरकार के अभियान का समर्थन कर रहा है।