हनोई में डोभाल से मिले वियतनाम के रक्षा मंत्री, रक्षा रिश्ते और गहरे करने पर सहमति
एनएसए अजीत डोभाल ने वियतनाम के रक्षा मंत्री जनरल फान वान गियांग के साथ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की समीक्षा की और संबंधों को गहरा करने पर सहमति जताई।

हनोई (वियतनाम): भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने सोमवार को वियतनाम के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री जनरल फान वान गियांग के साथ मुलाकात की। इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने मौजूदा द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की समीक्षा की और इस क्षेत्र में आपसी जुड़ाव को और अधिक गहरा करने पर सहमति जताई।
वियतनाम में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की। दूतावास के मुताबिक, एनएसए अजीत डोभाल और कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलितब्यूरो सदस्य जनरल फान वान गियांग ने रक्षा सहयोग की प्रगति पर चर्चा की और इसे और मजबूत करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया।
अजीत डोभाल रविवार को आधिकारिक दौरे पर हनोई पहुंचे थे। इस यात्रा के दौरान वह वियतनामी नेतृत्व के साथ बातचीत करेंगे ताकि दोनों देशों के बीच 'एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' की समीक्षा की जा सके।
भारत और वियतनाम के संबंधों को मई 2026 में वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान 'एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' का दर्जा दिया गया था। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति तो लाम ने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की थी।
दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया था कि मजबूत संबंध दोनों देशों के लोगों के लिए फायदेमंद होंगे। यह सहयोग भारत के 'विकसित भारत 2047' और वियतनाम के 'विजन 2045' जैसे राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों में मददगार साबित होगा। साथ ही, 2030 तक के भारत-वियतनाम रक्षा साझेदारी के संयुक्त विजन स्टेटमेंट के प्रभावी कार्यान्वयन की भी सराहना की गई थी।
यह मुलाकात सुरक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में जारी निरंतर जुड़ाव के बीच हुई है। पिछले महीने नई दिल्ली में चौथे भारत-वियतनाम सुरक्षा संवाद का आयोजन किया गया था। इसमें आतंकवाद विरोध, साइबर सुरक्षा, समुद्री जुड़ाव, आर्थिक सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग की समीक्षा की गई थी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस संवाद की सह-अध्यक्षता भारत के डिप्टी एनएसए पवन कपूर और वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा के उप मंत्री सीनियर लेफ्टिनेंट जनरल फाम थे तुंग ने की थी। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा परिवेश पर विचार साझा किए और आपसी हितों के मुद्दों पर करीबी सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई।
यह सुरक्षा संवाद 2016 के समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत हर दो साल में आयोजित किया जाता है, जो भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय के बीच सहयोग के लिए किया गया था।