NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को सेबी से मिली हरी झंडी, 30,000 करोड़ रुपये का आएगा आईपीओ.

Sushma Kumari4 September 20262 min read32 viewsFinance
NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को सेबी से मिली हरी झंडी, 30,000 करोड़ रुपये का आएगा आईपीओ.

देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज यानी National Stock Exchange of India Ltd (NSE) को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी SEBI से अपने बहुत समय से प्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफर यानी IPO के लिए अंतिम मंजूरी मिल गई है। इस बड़ी मंजूरी के साथ ही एक्सचेंज के शेयर बाजार में उतरने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है और इसके लिए सभी विनियामक बाधाएं दूर हो गई हैं। SEBI ने इस साल 4 सितंबर 2026 को अपनी अंतिम टिप्पणियां और मंजूरी जारी की, जिसे देश के शेयर बाजार के इतिहास में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। इस खबर की विस्तृत जानकारी आप ANI News की रिपोर्ट में देख सकते हैं।

आईपीओ की संरचना और मूल्यांकन

आने वाला यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल यानी OFS के रूप में तैयार किया गया है। इसमें एक्सचेंज के लगभग 14.89 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री की जाएगी, जो कि एक्सचेंज की कुल चुकता पूंजी का लगभग 6 प्रतिशत हिस्सा बनता है। इस प्रक्रिया के दौरान एक्सचेंज बाजार से कोई नया पैसा या ताजा पूंजी नहीं जुटाएगा, लेकिन फिर भी इस पूरे इश्यू का मूल्यांकन लगभग 30,000 करोड़ रुपये तक होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस भारी-भरकम आंकड़े के साथ यह भारत के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक प्रस्तावों में से एक बन जाएगा। इसके अलावा, अनलिस्टेड बाजार में इसका मूल्यांकन लगभग 55 अरब डॉलर यानी 5 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा आंका गया है।

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प्रमुख बिकवाली करने वाले शेयरधारक और बैंक

इस बड़े ऑफर में अपने शेयर बेचने वाले प्रमुख शेयरधारकों में State Bank of India सबसे आगे है, जो अपने लगभग 2.48 करोड़ शेयर बेचेगा। इसके अलावा MS Strategic (Mauritius) Limited कंपनी अपने 1.60 करोड़ शेयर बेचेगी। इस सूची में अन्य बड़े नाम जैसे Canada Pension Plan Investment Board, Aranda Investments (Mauritius) Pte Ltd और Bank of Baroda भी शामिल हैं, जो अपनी हिस्सेदारी कम करेंगे। इस पूरे काम को संभालने के लिए Kotak Mahindra Capital Co. Ltd. को मुख्य लीड मैनेजर बनाया गया है। उनका साथ देने के लिए 20 बैंकों का एक बड़ा समूह भी साथ काम कर रहा है, जिसमें JM Financial Ltd., Morgan Stanley, HSBC Holdings Plc और Citigroup Inc. जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

प्रमुख तिथियां और आगे का शेड्यूल

इस लिस्टिंग से पहले इस साल जून 2026 में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस जमा किया गया था और अगस्त 2026 में एक अनापत्ति प्रमाण पत्र मिला था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा सह-स्थान और डार्क-फाइबर मामलों से जुड़े सेबी के अपीलों को खारिज करने से रास्ता और साफ हो गया, क्योंकि NSE ने जुलाई महीने में ही 1491.21 करोड़ रुपये का भुगतान करके मामला सुलझा लिया था। अब एक्सचेंज की तरफ से आगामी 11 सितंबर 2026 को इस आईपीओ का प्राइस बैंड घोषित किया जाएगा। इसके बाद 25 सितंबर 2026 को या उससे पहले इसके शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पितृपक्ष शुरू होने से पहले ही इस प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।

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