Kuwait पर ईरान का बड़ा हमला, ओपेक ने की कड़ी निंदा और फ्रांस के साथ हुई सैन्य बैठक।

खाड़ी देशों में सुरक्षा का माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया जब 2 सितंबर 2026 को अरब पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन यानी OAPEC के जनरल सचिवालय ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। इस आधिकारिक बयान को कुवैत समाचार एजेंसी KUNA द्वारा अंग्रेजी फीड के जरिए दुनिया के सामने रखा गया। क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं तब और बढ़ गईं जब कुवैती सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने बताया कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली लगातार आ रहे मिसाइल और ड्रोन खतरों का डटकर मुकाबला कर रही है, जिसके पीछे उन्होंने क्षेत्र में लगातार हो रही ईरानी आक्रामकता को जिम्मेदार ठहराया।
कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की पुष्टि
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार, 2 सितंबर 2026 को तड़के देश के कई हिस्सों पर हुए ईरानी मिसाइल और खतरनाक ड्रोन हमलों की पुरजोर निंदा की। इन हमलों में एक रिहायशी इलाका भी निशाना बना, जिसे देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन माना गया। अधिकारियों ने कहा कि यह हमला सुरक्षा और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा है और अंतरराष्ट्रीय कानून के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का स्पष्ट उल्लंघन भी है। आम नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों के बीच इस घटना के बाद से सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल देखा जा रहा है।
फ्रांस के साथ रणनीतिक सैन्य चर्चा
एक तरफ जहां देश बाहरी हमलों का सामना कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कूटनीतिक कदम भी तेजी से उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कुवैती सेना के चीफ ऑफ स्टाफ ने फ्रांसीसी सैन्य अताशे और फ्रांसीसी सैन्य मिशन के प्रमुख के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इन रणनीतिक चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को बढ़ावा देना और संयुक्त अभ्यासों का समन्वय करना था ताकि कुवैत और फ्रांस के आपसी हितों को सुरक्षित रखा जा सके और क्षेत्रीय सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया जा सके।