पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि ईरान के पास अब स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर वीटो पावर है जिससे बढ़ रही हैं तेल की कीमतें

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि ईरान के पास स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर वीटो पावर है, जिससे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं।

Gautam Sahu25 October 20262 min read0 viewsWorld
पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि ईरान के पास अब स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर वीटो पावर है जिससे बढ़ रही हैं तेल की कीमतें

वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि ईरान के पास अब स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर वीटो पावर आ गया है। उन्होंने इस रणनीतिक स्थिति को दुनिया भर में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई से जोड़कर देखा है।

ओबामा ने 2015 के परमाणु समझौते यानी जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन का बचाव किया। उन्होंने इसे एक कूटनीतिक सफलता बताया जिससे सैन्य हस्तक्षेप को रोका गया और परमाणु प्रसार पर लगाम लगी।

दूसरी तरफ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 24 अक्टूबर को दावा किया कि इस जलमार्ग पर ईरान का पूरा नियंत्रण है। IRGC ने कहा कि वे ईरानी नियमों के मुताबिक जहाजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

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IRGC ने यह आरोप भी लगाया कि दो सुपरटैंकर, जिनमें 45 लाख बैरल से ज्यादा कच्चा तेल था, एक अनधिकृत दक्षिणी रास्ते का इस्तेमाल करते समय नौसैनिक बारूदी सुरंगों की चपेट में आ गए।

समुद्री घटनाओं का सिलसिला जारी है। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने 9 अक्टूबर को यूएई तट के पास एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल हमले की खबर दी थी। वहीं तस्नीम समेत ईरानी मीडिया ने सऊदी आउटलेट्स की उन खबरों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि नौसैनिक नाकाबंदी हटाने के बदले जलमार्ग को फिर से खोला जा सकता है।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 18 अक्टूबर को एक प्रस्ताव दिया था। उन्होंने कुछ शर्तों के आधार पर सात दिनों के भीतर जलमार्ग को फिर से खोलने की पेशकश की थी, जो अभी भी प्रभावी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की बातचीत करने की इच्छा पर संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि तेहरान तेल बाजारों में हेरफेर करने के लिए शिपिंग हमलों की झूठी खबरें फैला रहा है और सैन्य कार्रवाई की संभावना जताई है जिसे उन्होंने 'अनदर लिटिल एपिक फ्युरी' कहा।

तनाव के बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि वह किसी भी कीमत पर अमेरिकी सैन्य जहाजों को फारस की खाड़ी में प्रवेश नहीं करने देगा। इस बीच पाकिस्तान और कतर अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।

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