ओडिशा सरकार का यूएई दौरा रहा बेहद सफल, मिले 8,417 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

Praggya Singh sabal12 September 20263 min read20 viewsIndia
ओडिशा सरकार का यूएई दौरा रहा बेहद सफल, मिले 8,417 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

ओडिशा के निवेशकों के लिए संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE का दौरा काफी फायदेमंद साबित हुआ है। राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी यात्रा के दूसरे दिन ही औद्योगिक क्षेत्रों में भारी-भरकम पूंजी निवेश जुटाने में सफलता हासिल की है। इस दौरान कुल Rs 8,417 crore यानी आठ हजार चार सौ सत्रह करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्तावों पर मुहर लगी है। सरकार का मानना है कि इस बड़े निवेश से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

14,310 नए रोजगार के अवसर होंगे पैदा

अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इन नए निवेश प्रस्तावों से राज्य में कुल 14,310 jobs यानी चौदह हजार तीन सौ दस नौकरियां पैदा होने की पूरी उम्मीद है। अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों की कुल 13 कंपनियों और बड़े व्यावसायिक समूहों ने ओडिशा में अपने प्रोजेक्ट लगाने के लिए औपचारिक प्रस्ताव दिए हैं। ANI News की रिपोर्ट के मुताबिक, इन कंपनियों की रुचि कृषि-प्रसंस्करण यानी agro-processing, स्टील उत्पादन, सूचना प्रौद्योगिकी यानी IT और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में मुख्य रूप से है।

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प्रमुख कंपनियों के साथ हुए अहम समझौते

राज्य के औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए कई नामी गिरामी कंपनियों के साथ जरूरी समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इनमें प्रमुख नाम K Raheja Corp Real Estate का है, जिसने मुख्य रूप से IT और ESDM सेक्टर में काम करने की इच्छा जताई है। इसके अलावा Advanta Seeds FZCO ने कृषि और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अपना दायरा बढ़ाने की योजना बनाई है। वहीं PTCL ने स्टील उत्पादन के काम को आगे बढ़ाने के लिए आधिकारिक तौर पर समझौता किया है। इन बड़े प्रोजेक्ट्स के आने से ओडिशा की पहचान सिर्फ पारंपरिक भारी उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विनिर्माण क्षेत्र में भी विविधता आएगी।

लॉजिस्टिक्स और एल्युमिनियम मैन्युफैक्चरिंग पर भी जोर

इन चुनिंदा क्षेत्रों के अलावा लॉजिस्टिक्स, रेयर अर्थ्स यानी दुर्लभ खनिज, रसायन यानी chemicals और एल्युमिनियम मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर में भी निवेशकों ने गहरी दिलचस्पी दिखाई है। राज्य सरकार का मानना है कि ग्लोबल स्तर पर ओडिशा के औद्योगिक माहौल को लेकर निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के दौरों का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय पूंजी को स्थानीय स्तर की औद्योगिक जरूरतों के साथ जोड़ना है। सरकार की कोशिश है कि नीतियों को सरल बनाया जाए ताकि कंपनियां बिना किसी रुकावट के अपने प्रोजेक्ट्स को जमीन पर उतार सकें और तय समय सीमा के भीतर काम पूरा हो सके।

राज्य की औद्योगिक नीतियों पर नजर रखने वाले जानकारों का यह भी कहना है कि इस तरह के बड़े पैमाने पर मिलने वाले प्रस्ताव इस बात की तस्दीक करते हैं कि वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करने की पुरानी और लंबी रणनीति सही दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले कुछ महीनों में इन सभी कंपनियों की तरफ से ज़मीनी स्तर पर काम शुरू किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार और प्रशासनिक अधिकारी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि केवल उत्पादन बढ़ाने के बजाय पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ विकास पर ज्यादा ध्यान दिया जाए, ताकि आने वाले समय में राज्य के बुनियादी ढांचे और रोजगार बाजार को स्थाई मजबूती मिल सके।

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