ओडिशा में खुलेगी नौकरियों की बहार: UAE और अडानी ग्रुप 2.10 लाख करोड़ का निवेश करेंगे

ओडिशा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है जिससे राज्य में विकास और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। 10 सितंबर, 2026 को अबू धाबी में ओडिशा सरकार, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC), और अडानी ग्रुप के बीच 14 प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए एक सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन परियोजनाओं में करीब ₹2,10,500 करोड़ का निवेश होने का अनुमान है, जिससे भविष्य में 8.68 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। यह समझौता ओडिशा के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, ये आंकड़े तत्काल नौकरियों के बजाय भविष्य की संभावित नौकरियों को दर्शाते हैं। ये परियोजनाएं अभी अन्वेषण, व्यवहार्यता अध्ययन, उचित जांच, अनुमोदन और निश्चित समझौतों के शुरुआती चरणों में हैं। अनुमानित रोजगार में लगभग 1.9 लाख सीधी या ऑन-साइट नौकरियां शामिल होंगी, इसके अलावा 4 लाख अप्रत्यक्ष अवसर और 2.8 लाख निर्माण-संबंधी पद भी सृजित होंगे। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि इन परियोजनाओं का ओडिशा की अर्थव्यवस्था पर बड़ा और दूरगामी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
प्रस्तावित परियोजनाएं कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में फैली हुई हैं। इनमें धातु डाउनस्ट्रीम उद्योग, स्लरी पाइपलाइन, महत्वपूर्ण खनिज, दुर्लभ पृथ्वी, रसायन, पेट्रोकेमिकल डेरिवेटिव, नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण, स्वास्थ्य सेवा, औद्योगिक बुनियादी ढांचा, पर्यटन, कौशल विकास, खेल बुनियादी ढांचा, खनन-धातु मूल्य श्रृंखला, बंदरगाह-जुड़े विकास, औद्योगिक पार्क, एसईजेड, कंटेनर निर्माण, जहाज निर्माण और मरम्मत, कृषि-खाद्य प्रसंस्करण, और एआई/डेटा-सेंटर संबंधित अवसर शामिल हैं। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उन्होंने यूएई के निवेशकों के सामने राज्य के खनिज आधार, मजबूत बुनियादी ढांचे और उभरते क्षेत्रों की खूबियों को प्रमुखता से पेश किया।
इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल ग्रुप (IBPG) के साथ हुई चर्चाओं में ओडिशा से कुशल पेशेवरों को यूएई में रोजगार दिलाने और हल्दी, अदरक, समुद्री भोजन और प्रसंस्कृत खाद्य जैसे उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने पर भी बात हुई। यह पहल उन भारतीयों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है जो खाड़ी देशों में काम करने के अवसर तलाश रहे हैं। इससे ओडिशा के लोगों को न केवल अपने राज्य में बल्कि यूएई में भी रोजगार के नए रास्ते मिल सकते हैं।
औद्योगिक परियोजनाओं के संबंध में, एक एकीकृत एल्यूमीनियम मूल्य श्रृंखला पर बातचीत जारी रही। इसमें कल्यानसिंहपुर, रायगढ़ जिले में एक एल्यूमिना रिफाइनरी और सुंदरगढ़ जिले के सदर क्षेत्र में एक एल्यूमीनियम स्मेल्टर के लिए भूमि विकल्पों पर विचार किया गया। इसके अतिरिक्त, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की पारादीप में प्रस्तावित नेफ्था क्रैकर से जुड़े बोरूगे के साथ साझेदारी में एक रसायन डाउनस्ट्रीम कॉम्प्लेक्स की क्षमता पर भी चर्चा हुई। ये परियोजनाएं ओडिशा के औद्योगिक परिदृश्य को मजबूत करेंगी।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की इस महत्वपूर्ण यात्रा में भारतीय राजदूत डॉ. दीपक मित्तल द्वारा उनका स्वागत किया गया। इस यात्रा का समापन 11 सितंबर को एक निवेशक बैठक और प्रवासी भारतीयों के साथ संवाद के साथ हुआ। प्रतिनिधिमंडल 12 सितंबर को भारत वापस लौट आया। यह दौरा ओडिशा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए निवेश और सहयोग के रास्ते खोलने में सफल रहा है।
हालांकि, अधिकारियों ने नौकरी चाहने वालों को फर्जी भर्ती घोटालों से सतर्क रहने की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अभी तक कोई बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान की घोषणा नहीं की गई है। परियोजनाओं के कार्यान्वयन के चरणों के बाद ही आधिकारिक भर्ती की समय-सीमा तय की जाएगी। ऐसे में लोगों को किसी भी प्रकार के जालसाजी से बचने और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करने की सलाह दी जाती है। यह जानकारी आम नौकरी तलाशने वालों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।