हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास तेल टैंकर पर हमला, IRGC ने ली जिम्मेदारी
हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक तेल टैंकर पर दो अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ है। ईरान की IRGC ने इसकी जिम्मेदारी ली है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य: क्षेत्र में बढ़ते समुद्री तनाव के बीच एक तेल टैंकर पर दो अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने इस घटना की जानकारी दी है।
इस क्षेत्र में समुद्री अस्थिरता तेजी से बढ़ी है। 31 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 के बीच ऐसी कम से कम 10 घटनाएं दर्ज की गई हैं।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। IRGC का दावा है कि कई टैंकरों ने अपने ट्रैकिंग ट्रांसपोंडर बंद कर अनधिकृत रास्तों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद वे नेवल माइन्स की चपेट में आए।
ईरानी सरकारी मीडिया ने यह आरोप लगाया कि जहाजों ने हमलों से पहले जारी रेडियो चेतावनियों को नजरअंदाज किया था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुद्री अधिकारियों ने अभी तक इन दावों की पुष्टि नहीं की है।
एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान के लीमा से 9 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में स्थित एक जहाज के स्टारबोर्ड साइड में छेद हो गया था। हमलों का दायरा अब बढ़ रहा है और सऊदी अरब व कुवैत की समुद्री सीमा के पास उत्तरी खाड़ी से भी ऐसी खबरें आ रही हैं।
गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव जसेम मोहम्मद अलबुदैवी ने इस गतिविधि की निंदा की है। उन्होंने हमलों में आई इस तेजी को एक "खतरनाक वृद्धि" बताया है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा है।
समुद्री सुरक्षा विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि इन घटनाओं की आवृत्ति अपने चरम स्तर पर पहुंच गई है। इसका सीधा असर वॉर-रिस्क इंश्योरेंस प्रीमियम पर पड़ रहा है और वैश्विक ऊर्जा निर्यात मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
UKMTO ने सभी व्यापारिक जहाजों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें जहाजों को इस क्षेत्र में नेविगेट करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।