ब्रिक्स संसदीय फोरम में ओम बिरला ने चीन और यूएई के नेताओं से की मुलाकात, शांति पर दिया जोर
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम के दौरान चीन, यूएई और ईरान के नेताओं से क्षेत्रीय शांति और सहयोग पर चर्चा की।

नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम 2026 के दौरान चीन, यूएई और ईरान के प्रमुख संसदीय नेताओं के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें की हैं। इन मुलाकातों में क्षेत्रीय स्थिरता, डिजिटल सहयोग, सीमा पर शांति और पुराने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
यूएई की फेडरल नेशनल काउंसिल के स्पीकर सक़र घोषबाश के साथ बैठक में ओम बिरला ने नई दिल्ली और अबू धाबी के बीच गहरी दोस्ती को और बढ़ाने की बात कही। दोनों नेताओं ने विधायी सहयोग बढ़ाने और नियमित रूप से प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान पर सहमति जताई।
डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में दोनों देशों ने एक-दूसरे के अनुभवों को साझा करने पर चर्चा की। इसमें डिजिटल संसद, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑनलाइन एश्योरेंस मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे विषयों को खास तौर पर शामिल किया गया। ओम बिरला ने बताया कि 'विकसित भारत' और यूएई के 'वी द यूएई 2031' विजन के बीच समान आकांक्षाओं को देखते हुए व्यापार, निवेश, शिक्षा और युवाओं के आदान-प्रदान को बढ़ाने पर बात हुई।
बिरला ने भारत-यूएई संसदीय मैत्री समूह को दोनों देशों के सांसदों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने वैश्विक मंचों पर भारत को मिले यूएई के राजनयिक समर्थन के लिए आभार जताया और संवाद के जरिए क्षेत्रीय शांति बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
चीन के नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के उपाध्यक्ष झेंग जियानबैंग के साथ मुलाकात में द्विपक्षीय संवाद, आर्थिक व्यापार और लोगों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई। इस दौरान ओम बिरला ने सीमा पर शांति बनाए रखने को दोनों पड़ोसी देशों की साझा जिम्मेदारी बताया।
उन्होंने कहा कि पड़ोसी होने के नाते दोनों देशों का यह कर्तव्य है कि वे सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखें और आपसी सम्मान व बातचीत के जरिए मतभेदों को सुलझाएं। बिरला ने उम्मीद जताई कि संसदीय मैत्री समूहों और ब्रिक्स जैसे मंचों के जरिए आपसी समझ और गहरी होगी।