Oman Work Permit: ओमान सरकार का बड़ा फैसला, प्राइवेट सेक्टर में काम करने के लिए खत्म की 60 साल की उम्र सीमा.

ओमान में नौकरी करने वाले लाखों विदेशी कामगारों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। ओमान सरकार ने प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों के लिए वर्क परमिट जारी करने और उसे रीन्यू कराने की 60 साल की उम्र सीमा को आधिकारिक तौर पर पूरी तरह से खत्म कर दिया है। इस बड़े फैसले से उन सभी बुजुर्ग और अनुभवी कामगारों को बड़ी राहत मिली है जो पिछले कुछ समय से अपने भविष्य को लेकर काफी ज्यादा परेशान चल रहे थे। ओमान सरकार का यह कदम वहां काम कर रहे प्रवासियों के जीवन में एक नई उम्मीद लेकर आया है।
अगस्त महीने में आई थी परेशानी और फिर हुआ बदलाव
यह फैसला असल में पिछले कुछ महीनों में हुए घटनाक्रम के बाद आया है। आपको बता दें कि अगस्त 2026 में ओमान के श्रम मंत्रालय ने 60 साल से अधिक उम्र वाले विदेशी कामगारों के वर्क परमिट का नवीनीकरण यानी रीन्यूअल अचानक से बंद कर दिया था। इस अस्थायी रोक की वजह से साल 2022 में बने उस नियम पर ब्रेक लग गया था जिसमें उम्र की सीमा को हटाया गया था। साल 2022 में तत्कालीन श्रम मंत्री डॉ. महाद बिन सैद बाओविन द्वारा यह सर्कुलर लाया गया था ताकि कंपनियां अपने अनुभवी स्टाफ को अपने साथ रोके रख सकें। खासकर उन सेक्टरों में जहां ओमानइजेशन का लक्ष्य पूरा हो चुका था और वे पद ओमान के नागरिकों के लिए आरक्षित नहीं थे। लेकिन मंत्रालय के हालिया प्रतिबंध के बाद लेबर पोर्टल पर कई सीनियर प्रवासियों के आवेदन रिजेक्ट होने लगे थे जिसकी जानकारी गल्फ डेली न्यूज और द अरेबियन स्टोरीज जैसे स्थानीय अखबारों ने दी थी।
भारत और अन्य देशों के कामगारों को मिलेगा सीधा फायदा
ओमान सरकार के इस नए फैसले से भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और फिलीपींस समेत कई अन्य दक्षिण एशियाई और अरब देशों के बुजुर्ग कर्मचारियों को एक बार फिर से अपनी नौकरी की सुरक्षा मिल गई है। कंस्ट्रक्शन, सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग और तकनीकी क्षेत्रों की कंपनियों को इस बात से बड़ी राहत मिलेगी कि उनका अनुभवी विदेशी स्टाफ अब बिना किसी कानूनी उम्र बाधा के उनके साथ काम जारी रख सकता है। ओमान के स्थानीय मीडिया संस्थान Gulf Daily News की रिपोर्ट के मुताबिक 10 सितंबर 2026 को यह पुष्टि की गई कि उम्र की यह पाबंदी अब हटा ली गई है। चूंकि ओमान में किसी भी विदेशी का रेजिडेंसी स्टेटस उसके वैध वर्क परमिट से जुड़ा होता है, इसलिए सरकार ने उन सभी लोगों को सलाह दी है जिनके आवेदन पिछले महीने अगस्त में खारिज कर दिए गए थे।
प्रवासी कर्मचारियों को क्या करना होगा
जिन लोगों के वीजा या वर्क परमिट आवेदन अगस्त महीने में रिजेक्ट हो गए थे, उन्हें अब घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार की तरफ से यह कहा गया है कि ऐसे कर्मचारी अपने नियोक्ताओं यानी कंपनियों के माध्यम से आधिकारिक Ministry of Labour पोर्टल पर अपने आवेदन फिर से सबमिट करवाएं। इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने और बिना किसी रुकावट के पूरा करने के लिए आवेदकों को अपने सभी जरूरी दस्तावेज जैसे सैलरी सर्टिफिकेट और पिछले वर्क परमिट संभाल कर रखने की सलाह दी गई है। हालांकि अधिकारियों की तरफ से इस मामले में कोई औपचारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए यह साफ हो चुका है कि नियम में बदलाव कर दिया गया है।