Oman New Property Rules: ओमान में प्रवासियों के लिए खुला रास्ता, फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी खरीदने का मिला अधिकार.

ओमान सरकार ने देश में रहने वाले प्रवासियों और विदेशी निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ा और राहत भरा कदम उठाया है। अब विशेष आर्थिक क्षेत्रों और फ्री जोन में प्रवासी लोग भी फ्रीहोल्ड संपत्ति यानी जमीन और मकान खरीद सकेंगे। इस नए बदलाव से वहां रहने वाले लाखों लोगों का अपने घर का सपना सच होने की उम्मीद बंध गई है। ओमान सरकार की तरफ से यह साफ किया गया है कि संपत्ति खरीदने वाले निवेशकों के साथ-साथ उनके पति या पत्नी और परिवार के पहले दर्जे के रिश्तेदारों को भी आसानी से निवास वीजा मिल जाएगा।
नए नियमों की मुख्य बातें और तारीख
ओमान के विशेष आर्थिक क्षेत्रों और फ्री जोन के सार्वजनिक प्राधिकरण यानी OPAZ ने रॉयल डिक्री संख्या 38/2025 के तहत यह नया नियम लागू किया है। इन नए निवेश नियमों से जुड़ा प्रस्ताव रेजोल्यूशन नंबर 81/2026 के माध्यम से अमल में लाया गया है। सरकार ने इन नियमों को आधिकारिक तौर पर 20 सितंबर 2026 को सार्वजनिक किया था। इस नई व्यवस्था के आने से जमीन का आवंटन, लाइसेंस देने का काम और जरूरी मंजूरियां बहुत तेज गति से मिल सकेंगी। इसके लिए सरकार ने एक सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म की सुविधा भी दी है ताकि किसी को भी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
भारतीय प्रवासियों पर क्या होगा असर
ओमान में भारतीय प्रवासियों की संख्या बहुत बड़ी है जो लंबे समय से वहां रह रहे हैं और संपत्ति में निवेश करना चाहते हैं। इन नए नियमों से उन सभी भारतीय परिवारों को बहुत फायदा पहुंचेगा जो ओमान में स्थायी तौर पर बसना चाहते हैं या अपने परिवार के साथ रहना चाहते हैं। इस नीति में सुरक्षा से जुड़े कड़े नियम भी बनाए गए हैं ताकि किसी के साथ कोई धोखा न हो। इसके अलावा, जो लोग अभी निर्माणधीन प्रोजेक्ट यानी ऑफ-प्लान बिक्री में पैसा लगाएंगे, उनके लिए एस्क्रो अकाउंट रखना अनिवार्य कर दिया गया है जिससे निवेशकों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहे।
ओमान के अधिकारियों का बयान और सावधानी
OPAZ के चेयरमैन قais bin Mohammed Al Yousef ने जानकारी दी कि इन नए नियमों को लाने का मुख्य उद्देश्य निवेश के माहौल को और अधिक पारदर्शी बनाना है ताकि निवेशकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। हालांकि ओमान सरकार और ओपेज की तरफ से यह सलाह भी दी गई है कि चूंकि ये नियम अभी पूरी तरह से जमीन पर लागू नहीं हुए हैं, इसलिए सभी बड़े मीडिया संस्थान, बैंक और अन्य संबंधित लोग किसी अच्छे वकील से सलाह जरूर लें।