ओमान में भारतीय प्रवासी सावधान: 28 सितंबर से भारत में बैंक हड़ताल, सेवाएं होंगी प्रभावित।

ओमान और अन्य खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। भारत में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28 सितंबर से 30 सितंबर, 2026 तक तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल की घोषणा की है। इस हड़ताल से भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज गंभीर रूप से प्रभावित होगा, जिससे भारतीय प्रवासियों की बैंकिंग सेवाओं पर सीधा असर पड़ सकता है। खासकर उन लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है जिनके भारत में NRE या NRO खाते हैं या जिन्हें महत्वपूर्ण लेनदेन करने हैं।
यह हड़ताल UFBU की प्रमुख मांगों को लेकर की जा रही है, जिसमें मुख्य रूप से पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह को लागू करना शामिल है। मार्च 2024 के वेतन संशोधन समझौते में इस पर सहमति बनी थी, लेकिन यूनियन का कहना है कि अभी तक इसे पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है। इसके अलावा, प्रदर्शन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना से संबंधित कुछ अनुरोध भी यूनियन द्वारा किए गए हैं। इस देशव्यापी औद्योगिक कार्रवाई से भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया जैसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक सबसे ज़्यादा प्रभावित होंगे।
हालांकि, HDFC बैंक, ICICI बैंक और एक्सिस बैंक जैसे निजी क्षेत्र के बैंक इस हड़ताल से अप्रभावित रहने और सामान्य रूप से काम करने की उम्मीद है। इसलिए, यदि किसी प्रवासी को तत्काल व्यक्तिगत बैंकिंग सेवाओं की आवश्यकता पड़ती है, तो वे निजी बैंकों की शाखाओं का उपयोग कर सकते हैं। हड़ताल से पहले ही, 26 सितंबर, 2026 को चौथे शनिवार के कारण बैंक बंद रहेंगे। हालांकि सरकार ने 27 सितंबर को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को खोलने का आदेश दिया है, लेकिन हड़ताल के कारण 28 से 30 सितंबर तक सेवाएं बाधित रहेंगी। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि 30 सितंबर बैंकों के अर्ध-वार्षिक समापन के साथ भी मेल खाता है, जिससे कामकाज पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
खुशी की बात यह है कि नेट बैंकिंग, मोबाइल एप्लिकेशन, UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस), ATM और निर्धारित IMPS/NEFT लेनदेन जैसी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी। इसका मतलब है कि अधिकांश ऑनलाइन लेनदेन में कोई रुकावट नहीं आएगी। हालांकि, शाखा-आधारित कार्य जैसे चेक क्लियरिंग, डिमांड ड्राफ्ट बनाना, लॉकर तक पहुंच, नकद जमा करना और नए खाते खोलना जैसी सेवाएं इस दौरान पूरी तरह से रुकने की आशंका है। टाइम्स ऑफ ओमान ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय समुदाय पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर प्रकाश डाला है।
ओमान में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे हड़ताल शुरू होने से पहले ही अपने सभी जरूरी NRE/NRO खाता लेनदेन और घरेलू चेक भुगतान निपटा लें। अधिकारियों ने सुझाव दिया है कि यदि व्यक्तिगत सेवा की बहुत आवश्यकता हो, तो डिजिटल चैनलों पर निर्भर रहें या निजी बैंक शाखाओं का उपयोग करें। यह भी चेतावनी दी गई है कि 30 सितंबर के आसपास चेक क्लियरिंग में काफी देरी हो सकती है, जिससे वित्तीय कार्यों में विलंब हो सकता है। यह जानकारी टाइम्स ऑफ ओमान, बिजनेस स्टैंडर्ड, इकोनॉमिक टाइम्स, UFBU के आधिकारिक नोटिस और वित्त मंत्रालय की सलाह से प्राप्त हुई है। प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए अपनी बैंकिंग योजनाएं सावधानीपूर्वक बनाएं।