क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ओमान ने खाड़ी देशों और ईरान के बीच सुरक्षा समझौते की मांग की

ओमान के विदेश मंत्री ने खाड़ी देशों, ईरान और इराक के बीच सुरक्षा समझौते और अमेरिका-ईरान विवाद खत्म करने की अपील की है।

Pankhuri Motani28 October 20262 min read0 viewsOman
क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ओमान ने खाड़ी देशों और ईरान के बीच सुरक्षा समझौते की मांग की

मस्कट: ओमान के विदेश मंत्री सय्यद बद्र बिन हमद अल बुसाइड ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के लिए एक नए गैर-आक्रामक सुरक्षा समझौते का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि इस समझौते में सभी छह खाड़ी देशों के साथ-साथ ईरान और इराक को भी शामिल किया जाना चाहिए।

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के गिरटन कॉलेज में दिए गए एक लेक्चर के दौरान विदेश मंत्री ने कहा कि अब अमेरिका को मध्य पूर्व में सुरक्षा के प्राथमिक प्रदाता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, पिछले पचास सालों की अमेरिकी नीति ने ईरान को एक सुरक्षा खतरे के रूप में पेश किया है, जिससे क्षेत्रीय प्रगति में बाधा आई है।

अल बुसाइड ने जोर देकर कहा कि ईरान को क्षेत्रीय ढांचे से बाहर रखना अस्थिरता पैदा करता है। उन्होंने Strait of Hormuz के जरिए सुरक्षित नौवहन की जरूरत बताई और फिलिस्तीनी मुद्दे के समाधान के लिए ईरान और अमेरिका के बीच राजनयिक चैनलों को चालू रखने की अपील की।

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विदेश मंत्री ने बताया कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक द्विपक्षीय समझौता करीब था, लेकिन आपसी दुश्मनी की वजह से वह पटरी से उतर गया। उन्होंने कहा कि अरब और फारसी लोग सदियों से शांति से रहे हैं, इसलिए विनाश के बजाय न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण समाधान खोजने पर ध्यान देना चाहिए।

दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 28 अक्टूबर को कहा कि स्थायी क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए अमेरिकी आक्रामकता और इजरायली विस्तारवाद को तुरंत रोकना होगा। उन्होंने तेहरान में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के अधिकारियों के साथ हुई चारपक्षीय बैठक को क्षेत्रीय शांति के लिए एक अहम मौका बताया।

इससे पहले 28 फरवरी 2026 को ओमान के विदेश मंत्रालय ने ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियानों पर गहरा दुख जताया था। मंत्रालय ने चेतावनी दी थी कि ऐसे कदम अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं और क्षेत्रीय संघर्ष के खतरे को बढ़ाते हैं।

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