Oman New Cargo Rules: ओमान में एयर और सी कार्गो के लिए नया नियम लागू, अब पैलेट्स रखना हुआ जरूरी.

ओमान सरकार ने देश में आने वाले सभी एयर और सी कार्गो शिपमेंट्स के लिए एक बड़ा और नया नियम जारी कर दिया है। 15 सितंबर 2026 से ओमान के बंदरगाहों और एयरपोर्ट्स पर आने वाले उन सभी सामानों के लिए पैलेट्स का इस्तेमाल करना अनिवार्य कर दिया गया है, जिन्हें मशीनों की मदद से संभाला जा सकता है। यह सख्त निर्देश रॉयल ओमान पुलिस के डायरेक्टर जनरल ऑफ कस्टम्स की तरफ से जारी किया गया है, जो जीसीसी यूनिफाइड कस्टम्स लॉ के आर्टिकल 44 पर आधारित है। इस नए नियम के लागू होने के बाद अब भारत या किसी भी अन्य देश से ओमान आने वाले सामान के लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन के तरीके पूरी तरह से बदल जाएंगे।
कस्टम्स जांच को आसान बनाने के लिए उठाया गया कदम
इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य ओमान के बंदरगाहों पर कस्टम्स जांच और सामान की हैंडलिंग को तेज और आसान बनाना है। मस्कट, सोहार, सलालाह या ओमान के किसी भी अन्य पोर्ट पर आने वाला सामान चाहे किसी भी तारीख को भारत से रवाना हुआ हो, लेकिन अगर वह 15 सितंबर 2026 या उसके बाद ओमान पहुंचता है, तो उस पर यह नियम लागू होगा। सभी एक्सपोर्टर्स, फ्रेट फारवर्डर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को अब लकड़ी, प्लास्टिक या मेटल के पैलेट्स का ही उपयोग करना होगा। लकड़ी के पैलेट्स के मामले में Maersk और अन्य शिपिंग लाइनों ने अंतरराष्ट्रीय ISPM-15 ट्रीटमेंट और मार्किंग नियमों का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया है ताकि किसी भी तरह की कानूनी परेशानी से बचा जा सके।
कुछ सामानों को मिल सकती है छूट
हालांकि यह नियम सभी सामान्य कार्गो पर लागू होता है, लेकिन कुछ विशेष प्रकार के सामानों को इस अनिवार्यता से छूट दी जा सकती है। इसमें बल्क या खुला कार्गो, भारी मशीनरी, पाइप, कॉइल्स, स्टील रोल्स, मार्बल के ब्लॉक और तरल पदार्थ शामिल हैं। हालांकि, ओमान के अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यह छूट ऑटोमैटिक नहीं मिलेगी। एक्सपोर्टर्स को सलाह दी गई है कि वे ओमान के लोकल कस्टम्स ब्रोकर या ओमान कस्टम्स अथॉरिटी से बात करके इस बात की पुष्टि जरूर कर लें कि उनका सामान इस छूट के दायरे में आता है या नहीं। नियमों का पालन न करने पर सामान को वापस भेजने का जोखिम उठाना पड़ सकता है, जिससे कंपनियों को भारी नुकसान हो सकता है।
भारतीय एक्सपोर्टर्स पर पड़ेगा सीधा असर
यह नया बदलाव उन भारतीय व्यापारियों और एक्सपोर्टर्स के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो ओमान के साथ व्यापार करते हैं। भारत और ओमान के बीच Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) लागू है, जिसके तहत भारतीय एक्सपोर्ट्स को ओमान की लगभग 98.08% टैरिफ लाइनों पर जीरो-ड्यूटी एक्सेस मिलता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत ने ओमान को लगभग $4.06 बिलियन यानी 4.06 अरब डॉलर का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट किया था। इस व्यापार में कृषि, प्रोसेस्ड फूड, इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स और ऑटो कंपोनेंट्स जैसे कई बड़े सेक्टर शामिल हैं। ऐसे में भारत से ओमान माल भेजने वाले लोगों को अब बहुत सावधानी बरतनी होगी।
रिफंड और पेनल्टी का खतरा
यदि कोई भी शिपमेंट बिना पैलेट्स के ओमान पहुंचता है और वह छूट की श्रेणी में नहीं आता है, तो सीमा शुल्क अधिकारी उस शिपमेंट को तुरंत मूल देश यानी जहां से वह चला था, वापस भेज सकते हैं। ऐसा होने पर एक्सपोर्टर्स को रिटर्न फ्रेट, स्टोरेज का खर्च, डेमरेज और डिटेंशन चार्ज जैसे भारी-भरकम वित्तीय नुकसान उठाने पड़ सकते हैं। इसलिए, भारत से माल भेजने वाले सभी कारोबारियों को सलाह दी जाती है कि वे ओमान के अपने इम्पोर्टर्स और कस्टम्स ब्रोकर्स से पहले ही बातचीत कर लें और यह सुनिश्चित कर लें कि उनका माल पूरी तरह से नियमों के अनुकूल पैक किया गया है।
आधिकारिक संपर्क और जानकारी
किसी भी तरह की असुविधा या संशय से बचने के लिए एक्सपोर्टर्स सीधे ओमान के सीमा शुल्क विभाग से संपर्क कर सकते हैं। ओमान Directorate General of Customs से संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 80080022 या +968 22848232 पर कॉल किया जा सकता है। इसके अलावा आधिकारिक जानकारी के लिए [email protected] पर ईमेल के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है। ओमान सरकार के इन नए नियमों की अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए आप ओमान कस्टम्स की आधिकारिक वेबसाइट Oman Customs पर भी जा सकते हैं।