Oman Coast Attack: ओमान तट पर मर्चेंट जहाज पर हमला, 13 भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए गए.

ओमान के तट पर एक मर्चेंट जहाज पर हुए खतरनाक हमले के बाद बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया है। इस हमले के दौरान जहाज पर मौजूद 13 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, हालांकि एक अभी भी लापता है जिसकी तलाश जारी है। भारतीय अधिकारियों ने रविवार, 13 सितंबर 2026 को ओमान के पास एमटी एल गैया (MT El Gaia) नाम के कमर्शियल जहाज पर हुए इस हमले की पूरी पुष्टि कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर गल्फ के समुद्र में सफर करने वाले नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी और ओमान सरकार का जताया आभार
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस पूरे मामले पर बयान जारी कर घटना की जानकारी दी है। इस खबर को The Times of India, Times Now, News18, India Today, Moneycontrol और WION जैसे कई बड़े मीडिया संस्थानों ने प्रमुखता से रिपोर्ट किया है। नई दिल्ली के अधिकारियों ने साफ कहा है कि इस तरह से कमर्शियल जहाजों और समुद्र में काम करने वाले नाविकों को निशाना बनाना बिल्कुल भी सही नहीं है। ओमान की राजधानी मस्कट में स्थित भारतीय दूतावास वहां के स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। भारतीय मंत्रालय ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद के लिए ओमान सरकार का दिल से धन्यवाद किया है। इसके साथ ही भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर व्यापार और जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत बातचीत और शांति बनाए रखने की अपील की है.
समुद्र में लगातार बढ़ रहा है तनाव और खतरा
साल 2026 की शुरुआत से ही अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य, ओमान की खाड़ी और लाल सागर में लगातार हालात खराब चल रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस समुद्री इलाके में संघर्ष की वजह से पिछले कुछ महीनों में बहुत से लोगों की जान गई है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 30 जुलाई 2026 को राज्य सभा में जानकारी दी थी कि इस संघर्ष की शुरुआत से लेकर अब तक 10 भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है। वहीं, समुद्री प्रशासन निदेशालय की 12 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक फारस की खाड़ी में भारतीय हितों से जुड़े 14 जहाजों पर 173 भारतीय नाविक मौजूद थे। 12 सितंबर 2026 तक आए कुल आंकड़ों के अनुसार भारतीय झंडे वाले जहाजों पर 4 हमले और भारतीय नाविकों वाले विदेशी जहाजों पर 50 हमले हो चुके थे। इन सभी पुरानी घटनाओं में 9 लोगों की मौत, 12 लोग घायल और 1 नाविक लापता माना गया है, जिसमें रविवार को हुए एमटी एल गैया (MT El Gaia) जहाज का नया मामला शामिल नहीं है।
ग्लोबल मैरीटाइम सेक्टर में भारत की बड़ी हिस्सेदारी
दुनियाभर के समंदर और जहाजों पर काम करने वाले वर्कफोर्स में भारत की बहुत बड़ी भूमिका है। इस साल जून में जारी हुई BIMCO ICS Seafarer Workforce Report 2026 के अनुसार, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सीफेयरर देने वाला देश है। भारत दुनिया को कुल 311,936 मैरीटाइम प्रोफेशनल देता है, जो पूरी दुनिया के 2.57 मिलियन यानी 25.7 लाख वर्कफोर्स का 12.16 प्रतिशत बनता है। अगर केवल ऑफिसर लेवल की बात करें, तो कुल तादाद में भारत की हिस्सेदारी 13.41 प्रतिशत है। खाड़ी देशों में काम करने वाले इन भारतीय प्रवासियों और उनके परिवारों के लिए यह हालात काफी तनावपूर्ण बनते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान शनिवार को मर्चेंट नाविकों के लिए एक साझा आपातकालीन सहायता नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव रखा था, और उसके ठीक एक दिन बाद ही यह हमला हो गया। Hindustan Times की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त के बीच तक शिपिंग कंपनियों ने इस खतरनाक इलाके से 4,000 से ज्यादा भारतीय नाविकों को पहले ही हटा लिया था। हालांकि सरकार ने अभी तक यह नहीं बताया है कि जहाज पर किस देश का झंडा था, उसमें कौन सा सामान लदा था या हमले में किस हथियार का इस्तेमाल किया गया था। फिलहाल ओमान में भारतीय दूतावास का सबसे पहला काम बचाए गए 13 नाविकों का इलाज करवाना, उनकी पहचान करना और उन्हें वापस देश लाना है। इसके अलावा लापता हुए एक नाविक की तलाश भी तेजी से की जा रही है। भारत में अभी तक इस हमले की वजह से पेट्रोल-डीजल के खुदरा दामों में कोई बदलाव नहीं देखा गया है, लेकिन आने वाले समय में तेल कंपनियां इस पर नजर बनाए रखेंगी।