ओमान तट पर ड्रोन हमला: टैंकर पर सवार 2 भारतीय नाविक लापता, दूतावास नज़र बनाए हुए

मस्कट/सुहार, ओमान: ओमान के सुहार एंकरेज के पास खड़े निकारागुआ झंडे वाले टैंकर MT पेट्रो डॉल्फिन पर 11 अक्टूबर 2026 को ड्रोन से हमला हुआ। इस घटना के बाद मस्कट स्थित भारतीय दूतावास जहाज़ की स्थिति पर लगातार नज़र रख रहा है। समुद्री व्यापार पर नज़र रखने वाली संस्था UKMTO ने भी इस घटना को हमला बताते हुए इसकी पुष्टि कर दी है।
जहाज़ पर कुल 11 भारतीय नाविक सवार थे। इनमें से नौ सुरक्षित बचा लिए गए हैं। बाकी दो नाविकों, बीर बहादुर यादव और अमित सिंह, का अभी कोई पता नहीं चल पाया है। स्थानीय अधिकारी चालक दल को जहाज़ से निकालने में मदद कर रहे हैं, जबकि नुकसान की पूरी सीमा और पर्यावरण पर पड़ने वाले असर की जांच अभी चल रही है।
सरकार और नाविक संघ की कार्रवाई
केंद्रीय बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने बताया कि ओमान कोस्ट गार्ड लापता नाविकों की खोज और बचाव अभियान चला रहा है। भारत सरकार इस मामले में संबंधित सभी एजेंसियों के साथ लगातार तालमेल बनाए हुए है। वहीं फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने लापता कर्मियों की स्थिति पर तुरंत अपडेट मांगा है।
विदेश मंत्रालय ने 11 अक्टूबर 2026 को जारी बयान में होर्मुज़ जलडमरूमध्य क्षेत्र में व्यापारिक जहाज़ों पर हुए हमलों की निंदा की। मंत्रालय ने व्यापारिक जहाज़ों को निशाना बनाने वाली हिंसा तुरंत रोकने की मांग की और कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। मंत्रालय के अनुसार ऐसी बार-बार होने वाली हिंसा क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है, इसलिए कूटनीतिक रास्तों से तनाव कम करना ज़रूरी है।
इसी दिन एक और घटना भी सामने आई। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले टैंकर MT वाल्थेरा पर किसी अज्ञात प्रक्षेप्य से हमला हुआ, लेकिन उस पर सवार सभी 11 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। इससे पहले MT जेम नंबर 2 और MT ऑन पीस पर भी हमले हो चुके हैं। इन घटनाओं से साफ है कि इस इलाके में समुद्री सुरक्षा के हालात लगातार बिगड़ते दिख रहे हैं।