सऊदी अरब के अबहा और किंग खालिद एयरपोर्ट पर आतंकी हमले, ओमान ने जताया कड़ा विरोध

सऊदी अरब के दो प्रमुख हवाई अड्डों, अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए भीषण आतंकी हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश देखा जा रहा है। ओमान सल्तनत ने इस कायराना हरकत की कड़ी निंदा की है और सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता जाहिर की है। ओमान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नागरिक सुविधाओं पर किसी भी तरह के हमले को स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे न केवल आम लोगों की जान खतरे में पड़ती है बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को भी नुकसान पहुंचता है।
इन हमलों की जिम्मेदारी यमन के हूती आंदोलन ने ली है। इन हमलों में अब तक तीन लोगों की मौत हो गई है और 36 लोग घायल हुए हैं। अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में मोरक्को और अल्जीरिया की दो महिला निवासियों की जान चली गई, जबकि बांग्लादेश और फिलीपींस के निवासियों सहित 28 लोग घायल हुए। वहीं, रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक सूडानी नागरिक की मौत हुई और मिस्र व पाकिस्तान के निवासियों सहित 8 अन्य लोग घायल हो गए।
हवाई सेवाओं में भारी व्यवधान और वैश्विक प्रतिक्रिया
इन हमलों ने न केवल जान-माल का नुकसान किया है, बल्कि हवाई यातायात को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, रियाद एयरपोर्ट से निर्धारित 378 उड़ानों में से लगभग 45% उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इस हिंसा के बाद भारत, यूएई, मिस्र और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) जैसे देशों ने भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इन हमलों की निंदा की है।
सुरक्षा खतरों को देखते हुए अमेरिका, ब्रिटेन और नॉर्वे की सरकारों ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने अपने नागरिकों को हवाई क्षेत्र के संभावित बंद होने और ड्रोन या मिसाइल हमलों के खतरे के प्रति आगाह किया है। ओमान ने अपने बयान के अंत में सभी पक्षों से संयम बरतने और बुद्धिमानी से काम लेने की अपील की है ताकि क्षेत्र में तनाव और न बढ़े और शांति बनी रहे।