ओमान में संकट के दौरान सामान की कीमतें बढ़ाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने दी जेल और जुर्माने की चेतावनी

मस्कट: ओमान के उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CPA) ने साफ कर दिया है कि संकट, महामारी या बाजार की किसी भी असामान्य स्थिति के दौरान सामान और सेवाओं की कीमतों में बिना अनुमति बढ़ोतरी करना कानूनन अपराध है। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि वित्तीय लाभ के लिए ऐसी स्थितियों का फायदा उठाना उपभोक्ता संरक्षण कानून का सीधा उल्लंघन माना जाएगा।
CPA के मुताबिक, उपभोक्ता संरक्षण कानून के कार्यकारी नियमों के अनुच्छेद 19 में इन पाबंदियों का कानूनी ढांचा दिया गया है। इसके तहत चेयरमैन को यह तय करने का अधिकार है कि कीमतों में हुई बढ़ोतरी असामान्य है या नहीं।
कीमतों की जांच के लिए सामान की उपलब्धता, बढ़ोतरी का प्रतिशत, ग्राहकों की शिकायतें, ऊर्जा और विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव, शिपिंग लागत और बाजार में प्रतिस्पर्धा या एकाधिकार जैसे मानदंडों को देखा जाएगा। कानून के अनुसार, जरूरी चीजों की कीमतों में किसी भी बदलाव के लिए तय कानूनी प्रक्रिया का पालन करना और पहले से आधिकारिक मंजूरी लेना अनिवार्य है।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहले से विज्ञापित कीमतों से अधिक दाम वसूलना गैरकानूनी है। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए CPA की फील्ड निरीक्षण टीमें सभी प्रांतों में बाजार की निगरानी कर रही हैं।
नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। प्रशासनिक जुर्माना 500 से 1,000 ओमानी रियाल तक हो सकता है, जो दोबारा गलती करने पर दोगुना हो जाएगा। इसके अलावा, उल्लंघन जारी रहने तक 50 रियाल का दैनिक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
गंभीर मामलों में तीन महीने से तीन साल तक की जेल और 2,000 से 50,000 ओमानी रियाल तक का जुर्माना हो सकता है। साथ ही, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है और मामला पब्लिक प्रॉसिक्यूशन को भेजा जा सकता है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सितंबर 2026 में 2025 की समान अवधि की तुलना में खाद्य और पेय पदार्थों की महंगाई बढ़ी है।