Oman Crude Price: ओमान क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर पहुंची $104.54 प्रति बैरल, मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण हालात हुए गंभीर।

मध्य पूर्व में लगातार बढ़ रहे तनाव और सप्लाई में रुकावट के डर के बीच ओमान क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है। Gulf Mercantile Exchange के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार के कारोबार के बाद नवंबर डिलीवरी के लिए ओमान क्रूड की कीमत बढ़कर $104.54 प्रति बैरल हो गई है, जिसमें सीधे तौर पर $2.74 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस अचानक आई तेजी की मुख्य वजह भू-राजनीतिक तनाव और साल 2026 की तीसरी तिमाही में ईंधन तेल की कमी की आशंकाएं हैं।
TankerTrackers द्वारा 6 सितंबर 2026 को जारी किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि अगस्त के महीने में मध्य पूर्व से कच्चे तेल का निर्यात जनवरी-फरवरी 2026 के औसत से 39% नीचे बना रहा। इस बड़ी गिरावट का मतलब है कि रोजाना 7.2 मिलियन बैरल तेल की कमी आई है, जिसका असर ओमान पर भी साफ तौर पर पड़ा है। इस पूरे इलाके में अस्थिरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका और ईरान के बीच लगातार सैन्य टकराव सामने आ रहे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव और समुद्री सुरक्षा
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि उन्होंने ओमान की खाड़ी में ईरान के दो कच्चे तेल के जहाजों, जिनका नाम M/T Downy और M/T Stark 1 है, को पूरी तरह से बेकार कर दिया है। इसके अलावा एक और जहाज M/T Kylo (जिसे Noxen भी कहा जाता है) को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। CENTCOM का कहना है कि यह सख्त कदम ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के जवाब में उठाए गए हैं, जिन्हें अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों को निशाना बनाकर दागा गया था।
दूसरी तरफ, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने उन हमलों की जिम्मेदारी ली है जो होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन टैंकरों पर किए गए थे। ईरान का कहना था कि ये जहाज एक अनाधिकृत रास्ते का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके अलावा वीकेंड पर अमेरिका से जुड़े अन्य जहाजों को भी निशाना बनाया गया। ईरान की तरफ से लगातार आक्रामक बयानबाजी भी सामने आ रही है, जिससे बाजार में चिंता का माहौल और ज्यादा गहरा गया है।
नया शिपिंग कॉरिडोर और बाजार पर असर
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रजाई ने संकेत दिए हैं कि ईरान आने वाले दिनों में खाड़ी क्षेत्र में एक नया प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करने की योजना बना रहा है। इस प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले एक नए शिपिंग कॉरिडोर का नक्शा भी शामिल है। रिस्टैड की एनालिस्ट वैलेरी पनोपियो ने चेतावनी दी है कि यह लंबी चलने वाली सप्लाई रुकावट ईंधन तेल की आपूर्ति को बहुत ज्यादा सीमित कर देगी।
कंसल्टेंसी फर्म Energy Aspects का अनुमान है कि तीसरी तिमाही में रोजाना 218,000 बैरल तेल का घाटा देखने को मिलेगा, जो साल 2025 की तीसरी तिमाही के बाद पहली ऐसी बड़ी कमी होगी। इसके अलावा, गोल्डमैन सैक्स के ग्लोबल कमोडिटीज रिसर्च के सह-प्रमुख डान स्ट्रुइवेन ने भी चेतावनी दी है कि यदि यह शिपिंग व्यवधान और अधिक बढ़ता है, तो ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर $120 प्रति बैरल तक पहुंच सकती है।
कच्चे तेल की प्रोसेसिंग और टैंकर ट्रैफिक में रुकावट आने की वजह से रिफाइनरियां इस समय बाकी उत्पादों की तुलना में डीजल के उत्पादन को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रही हैं। वहीं दूसरी तरफ, OPEC+ से उम्मीद की जा रही है कि वह अक्टूबर के लिए अपनी मौजूदा तेल उत्पादन नीति को बिना किसी बदलाव के जारी रखेगा। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान युद्ध की वजह से बाजार पर OPEC+ का प्रभाव सीमित हो रहा है, क्योंकि यह समूह भविष्य में उत्पादन में कोई भी बदलाव करने से पहले नए कोटे पर विचार कर रहा है।